पहले 60 लाख रुपये मिलते थे, सड़क, सार्वजनिक शौचालय और उद्यानों समेत स्थानीय विकास कार्यों में खर्च हो सकेगा बढ़ा हुआ निधि; प्रस्ताव पर आयुक्त की मंजूरी जरूरी
Rahul Gupta
मुंबई, 9 सितंबर।
मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के सभागृह ने नगरसेवकों की वार्षिक निधि में बड़ी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नगरसेवकों को अपने वार्ड में विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों के लिए सालाना 1 करोड़ रुपये का निधि मिलेगा। इससे पहले यह राशि 60 लाख रुपये थी। करीब 12 साल बाद नगरसेवकों की निधि में बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि निधि बढ़ोतरी का प्रस्ताव लागू होने के लिए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे की सकारात्मक राय जरूरी होगी। यदि आयुक्त की मंजूरी नहीं मिलती है तो प्रस्ताव को राज्य सरकार के नगर विकास विभाग के पास भेजा जाएगा।
सड़क से लेकर सार्वजनिक शौचालय तक होंगे काम
नगरसेवकों को मिलने वाली निधि का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए किया जाता है। इसमें वार्ड की सड़कों की मरम्मत, इमारतों की पाइपलाइन बदलना, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, उद्यानों का सौंदर्यीकरण और उनके रखरखाव जैसे काम शामिल हैं।
निधि बढ़ने के बाद नगरसेवकों को अपने-अपने वार्ड में छोटे लेकिन जरूरी विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों के लिए उपलब्ध राशि बढ़ जाएगी।
प्रस्तावों की मंजूरी को लेकर विपक्ष ने किया सभात्याग
बीएमसी सभागृह की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के लिए उसे पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
विपक्ष के मुताबिक, सुधार समिति के 15 प्रस्तावों के अलावा करीब 20 हजार करोड़ रुपये से जुड़े 10 प्रस्तावों को भी पर्याप्त चर्चा के अवसर के बिना मंजूरी दी गई। इसके विरोध में विपक्षी सदस्यों ने सभात्याग किया।
मुलुंड की जमीन और खेल परिसर से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर
सभागृह ने सेवनहिल्स अस्पताल के निजीकरण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा मुलुंड डंपिंग ग्राउंड की करीब 15 एकड़ जमीन को धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए पांच साल की लीज पर देने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
मुलुंड खेल परिसर के आरक्षण में बदलाव कर वहां पेट्रोल पंप के लिए जगह उपलब्ध कराने और अंधेरी के आंबिवली में 1,840 वर्ग मीटर के उद्यान का आरक्षण रद्द कर आवासीय उपयोग की अनुमति देने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
सेंच्युरी मिल की 6.17 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर
लोअर परेल स्थित सेंच्युरी मिल की बीएमसी के स्वामित्व वाली 6.17 एकड़ जमीन को 30 साल के लिए निजी डेवलपर को लीज पर देने के प्रस्ताव को भी सभागृह ने मंजूरी दे दी। इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर सभागृह में मंजूर किए गए प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की है।
अब नगरसेवकों की निधि बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर बीएमसी आयुक्त की राय और सभागृह में मंजूर किए गए विवादित प्रस्तावों के क्रियान्वयन को लेकर अगले कदम पर नजर रहेगी।
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