महीनेभर के आंदोलन के बाद सैकड़ों छात्रों ने शुरू की मुंबई की पैदल यात्रा, स्कूलों-छात्रावासों में सुविधाओं और आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके के इस्तीफे समेत 26 मांगें
राहुल गुप्ता
नासिक, 29 सितंबर। महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों का करीब महीनेभर से चल रहा आंदोलन अब नासिक से मुंबई तक पहुंच गया है। सोमवार को सैकड़ों छात्रों ने मुंबई की ओर पैदल मार्च शुरू किया, लेकिन मार्च शुरू होते ही नासिक पुलिस ने कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। छात्रों की प्रमुख मांगों में आदिवासी स्कूलों और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके के इस्तीफे की मांग शामिल है।
आंदोलन से जुड़े एनएसयूआई सदस्य और आदिवासी छात्र नेता सागर पवारा ने कहा कि नासिक से मार्च शुरू करते समय करीब 30 प्रतिभागियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई तक पहुंचने में कई दिन लगेंगे और कुछ छात्र पीछे रह गए, जिनके बारे में बाद में पता चला कि उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके बावजूद मार्च जारी रखने की बात कही गई है।
26 सूत्रीय मांगों का चार्टर सौंपा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 26 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। इसमें आदिवासी आश्रम स्कूलों में हुई मौतों की स्वतंत्र जांच, स्कूलों और छात्रावासों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तथा नीतियां बनाने की प्रक्रिया में छात्रों की अधिक भागीदारी की मांग शामिल है।
छात्रों ने गढ़चिरौली के जपतलाई स्थित आश्रम स्कूल में सर्पदंश से जान गंवाने वाली तीन छात्राओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये और घायल छात्रों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है। साथ ही अनुदान वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
मुंबई पहुंचकर सरकार के सामने रखेंगे मांगें
प्रदर्शनकारियों का मार्च मुंबई स्थित राजभवन तक पहुंचने का कार्यक्रम है। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उनकी सभी मांगें मान लेती है तो वे वापस लौट सकते हैं, लेकिन फिलहाल वे अपनी मांगों पर बातचीत के बजाय उनके समाधान की मांग पर कायम हैं।
इस आंदोलन के दौरान छात्रों की ओर से आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। सरकार की ओर से पहले छात्रों के साथ बातचीत की गई थी और कुछ मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन छात्रों ने अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की मांग जारी रखी।
नासिक से मुंबई के इस मार्च को लेकर पुलिस ने अनुमति का मुद्दा भी उठाया है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च को रोकने की कोशिश के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
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