ओला, उबर और रैपिडो पर शिकंजे की तैयारी, चालकों की जांच में ढिलाई पर दर्ज होगी FIR

माहिम की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार सख्त, ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर पृष्ठभूमि तक की जांच के निर्देश; नए कानून पर भी चल रहा विचार

राहुल गुप्ता

मुंबई, 28 अक्टूबर। महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं के चालकों के खिलाफ मिल रही शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अधिकारियों को चालकों के दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

माहिम की घटना के बाद सख्ती

माहिम में रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने वाले एक युवक के खिलाफ आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की कार्यवाही के बाद मंगलवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। संबंधित चालक पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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प्रारंभिक जांच में चालक के पाकिस्तान के किसी व्यक्ति या संगठन से सीधे संबंध होने का पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। हालांकि, इस घटना के बाद सरकार ने ऐप आधारित परिवहन सेवाओं से जुड़े चालकों के सत्यापन और नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

लाइसेंस और दस्तावेजों की होगी जांच

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मोटर परिवहन विभाग को निर्देश दिया है कि चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के वैध कागजात, पृष्ठभूमि और निर्धारित शर्तों की बारीकी से जांच की जाए। जांच में नियमों के उल्लंघन, धोखाधड़ी या गैरकानूनी गतिविधि का पता चलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

सरकार का कहना है कि केवल किसी घटना के बाद कदम उठाने के बजाय ऐप आधारित सेवाओं पर लगातार निगरानी रखने की व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए इन सेवाओं को राज्य परिवहन प्राधिकरण के दायरे में प्रभावी रूप से लाने पर भी जोर दिया गया है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए नए कानून की तैयारी

बैठक में यात्रियों की सुरक्षा, यातायात अनुशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। परिवहन विभाग और पुलिस को आपसी तालमेल के साथ शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार एक नए कानून का मसौदा भी तैयार कर चुकी है। यदि मौजूदा कानूनी प्रावधान ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं को पूरी तरह नियमबद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए जाते हैं, तो संशोधित कानून लाने के विकल्प पर विचार किया जाएगा। इससे कंपनियों और उनके साथ काम करने वाले चालकों की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

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