डेढ़ करोड़ किसानों के खाते में आएंगे ₹5,000, फडणवीस सरकार ने राहत राशि के लिए तय की समयसीमा

महाराष्ट्र सरकार सूखा प्रभावित किसानों को अंतरिम सहायता देगी, कर्ज वसूली में परेशान करने वालों पर कार्यवाही के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 28 अक्टूबर। महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित करीब डेढ़ करोड़ किसानों को राहत देने के लिए महायुति सरकार ने 5,000 रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आठ दिनों के भीतर यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए। इस योजना पर सरकार करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही बैंकों और निजी साहूकारों को किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान नहीं करने की हिदायत दी गई है।

पुराने कर्ज की वसूली पर रोक के निर्देश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैंकों को निर्देश दिया है कि किसानों को मिलने वाली राहत राशि में से उनके पुराने कर्ज या बकाये की वसूली नहीं की जाए। निजी साहूकारों को भी किसानों पर वसूली के लिए दबाव नहीं बनाने को कहा गया है।

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सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्ज वसूली के नाम पर किसानों को परेशान करने की शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। नांदेड़ में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षकों को भी इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं।

‘किसानों की दिवाली काली नहीं होने देंगे’

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार के फैसले पर कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की दिवाली काली नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में 5,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह शुरुआती आर्थिक मदद है और आगे भी किसानों को सहायता दी जाएगी।

बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस फैसले से करीब डेढ़ करोड़ किसानों को फायदा होगा। उनके मुताबिक, राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार की ओर से भी आगे मदद मिलने की उम्मीद है।

किन किसानों को मिलेगा लाभ?

दी गई जानकारी के अनुसार, योजना का लाभ खेती पर निर्भर उन किसानों को मिलेगा जिनकी फसल सूखे के कारण प्रभावित हुई है। सरकारी नौकरी करने वाले और आयकर भरने वाले लोग इस सहायता के पात्र नहीं होंगे।

सरकार ने महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। ऐसे में इस अग्रिम सहायता को प्रभावित किसानों के लिए शुरुआती राहत के रूप में देखा जा रहा है।

किसान सभा का लॉन्ग मार्च स्थगित

किसानों और आदिवासियों की मांगों को लेकर मुंबई की ओर बढ़ रहा किसान सभा का लॉन्ग मार्च स्थगित कर दिया गया है। अकोले और नासिक के रास्ते आगे बढ़ रहे किसान सभा के नेताओं की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार के साथ करीब दो घंटे बैठक हुई। इसमें किसानों और आदिवासियों से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी।

बैठक के बाद किसान सभा ने सरकार के आश्वासनों पर संतोष जताते हुए मार्च स्थगित करने का फैसला किया। संगठन के मुताबिक, उसकी ज्यादातर मांगों पर सहमति बनी है, जबकि बाकी मुद्दों पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

आदिवासियों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा

बैठक में आदिवासियों की जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने आदिवासियों के नाम पर जमीन करने की मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। इसके अलावा, लाडली बहन योजना से बाहर हुईं पात्र महिलाओं की ई-केवाईसी कराने के मुद्दे पर भी सरकार ने सहमति जताई, ताकि वे योजना का लाभ हासिल कर सकें।

अब किसानों के खातों में सहायता राशि जमा करने और बैठक में हुए आश्वासनों को लागू करने की दिशा में सरकार की अगली कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

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