अवैध प्लॉटिंग पर चर्चा के दौरान भिड़े AIMIM और BJP पार्षद, सभापति की चेतावनी के बाद थमा विवाद

छत्रपति संभाजीनगर मनपा की स्थायी समिति की बैठक में अजहर पठान ने उठाया अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा, लेनदेन और सरकारी दर पर चर्चा को लेकर भाजपा नगरसेवकों ने जताई आपत्ति

Rahul Gupta

छत्रपति संभाजीनगर, 5 सितंबर।

छत्रपति संभाजीनगर मनपा की स्थायी समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उस समय राजनीतिक और व्यक्तिगत विवाद में बदल गया, जब एआईएमआईएम नगरसेवक अजहर पठान और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ने पर सभापति अनिल मकरिये को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने पठान को सदन से बाहर भेजने की चेतावनी दी।

अवैध प्लॉटिंग पर चर्चा ने बदला रुख

4 सितंबर को हुई बैठक में अजहर पठान ने हर्सूल सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ मनपा की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने जमीन के लेनदेन में होने वाली बड़ी रकम, सरकारी दर और वास्तविक कीमत के बीच अंतर तथा धन के स्रोत जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू की।

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पठान अपनी बात आगे बढ़ा रहे थे, तभी सभापति अनिल मकरिये ने उन्हें निर्धारित विषय तक सीमित रहने और संक्षेप में अपनी बात रखने को कहा। सभापति ने स्पष्ट किया कि चर्चा को व्यक्तिगत मामलों या अनावश्यक आरोपों की ओर नहीं ले जाया जाना चाहिए।

भाजपा नगरसेवकों की आपत्ति से बढ़ा विवाद

भाजपा नगरसेवक सुरेंद्र कुलकर्णी ने पठान की चर्चा पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया कि धन के स्रोत और सरकारी दर जैसे मुद्दों का मनपा की अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई से क्या सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि बैठक में नागरिकों की समस्याओं और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

इसी दौरान भाजपा नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े ने बातचीत में एमआईएम का उल्लेख करते हुए पठान की भूमिका पर प्रतिक्रिया दी। पठान ने राजनीतिक दल का नाम लिए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों के बीच बहस और तीखी हो गई। सभापति ने पठान को विषय समाप्त करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने अपनी बात जारी रखने की बात कही।

सभापति की चेतावनी के बाद शांत हुआ मामला

बहस बढ़ने पर सभापति अनिल मकरिये ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सदन में किसी भी नगरसेवक के व्यक्तिगत मामले नहीं उठाए जाएंगे और चर्चा निर्धारित विषय तक ही सीमित रखी जाएगी।

पठान के अपनी सीट पर नहीं बैठने पर सभापति ने उन्हें सदन से बाहर भेजने की चेतावनी दी। इसके बाद पठान शांत हुए और अपनी सीट पर बैठ गए। बैठक में एआईएमआईएम के तीन अन्य नगरसेवक भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने विवाद में हस्तक्षेप नहीं किया। कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण रहने के बाद बैठक का कामकाज आगे बढ़ा।

हर्सूल में कार्रवाई के बाद उठे सवाल

बैठक के बाद मनपा के गलियारों में इस बहस को लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गईं। हर्सूल क्षेत्र में मनपा की ओर से हाल ही में कुछ अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें कुछ लोगों के राजनीतिक दलों से जुड़े होने की चर्चा भी सामने आई है।

इसी पृष्ठभूमि में अजहर पठान द्वारा अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा उठाए जाने को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि बैठक के दौरान व्यक्तिगत आरोपों को लेकर कोई औपचारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया। सभापति ने चर्चा को व्यक्तिगत स्तर पर जाने से रोकते हुए सदन की मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया।

कार्रवाई करने वाले अधिकारी की पठान ने की प्रशंसा

दिलचस्प बात यह रही कि इसी बैठक में अजहर पठान ने मनपा के अतिक्रमण विभाग के सनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले की प्रशंसा भी की। उन्होंने हर्सूल क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मनपा की कार्रवाई के लिए वाहुले के प्रयासों की सराहना की और उनका अभिनंदन किया।

इस तरह एक ओर अवैध प्लॉटिंग की कार्रवाई को लेकर सदन में तीखी बहस हुई, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई करने वाले अधिकारी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा भी की गई। पूरे घटनाक्रम के चलते स्थायी समिति की बैठक राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में रही।

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