भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री फडणवीस से जांच कराने का अनुरोध करने की बात कही
500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन वाली क्लिप की सच्चाई सामने लाने की मांग, जरांगे की सुरक्षा बढ़ाने पर भी दिया जोर
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 22 अक्टूबर। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की ओर से सुनाई गई ऑडियो क्लिप की विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में फर्जी ऑडियो और वीडियो तैयार करना संभव है। ऐसे में संबंधित क्लिप की वास्तविकता सामने आनी चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अनुरोध किया जाएगा। बन गुरुवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे।
एआई के दौर में क्लिप की प्रामाणिकता की जांच जरूरी
नवनाथ बन ने कहा कि पिछले कुछ समय से एआई के माध्यम से जानी-मानी हस्तियों की आवाज की नकल तैयार करने के मामले सामने आए हैं। अमिताभ बच्चन से लेकर राज कुमार और राज कपूर तक की आवाजों की नकल की जा रही है। उन्होंने अजित पवार और शरद पवार की आवाज की नकल कर लोगों को गुमराह करने के मामले का भी उल्लेख किया। ऐसे में किसी ऑडियो क्लिप या वीडियो को वास्तविक मानने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मनोज जरांगे पाटील से जुड़ी क्लिप में हुई बातचीत के संदर्भ विधानसभा चुनाव से पहले के प्रतीत होते हैं। इसलिए महाराष्ट्र की जनता के सामने इसकी सच्चाई आनी चाहिए। बन के मुताबिक, जरांगे पाटील ने भी मामले की जांच की मांग की है और भाजपा भी चाहती है कि गृह विभाग एसआईटी या विशेष कार्य बल के माध्यम से इसकी निष्पक्ष जांच कराए।
500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की भी जांच हो
बन ने कहा कि ऑडियो क्लिप में 500 करोड़ रुपये और दो साल पहले हुए विधानसभा चुनाव का उल्लेख बताया जा रहा है। एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी को 500 करोड़ रुपये नहीं दिए हैं। वहीं, मनोज जरांगे पाटील भी कह रहे हैं कि उन्होंने किसी से इतनी बड़ी रकम नहीं ली है।
उन्होंने कहा कि जरांगे पाटील को यह क्लिप किसने दी, रिकॉर्डिंग असली है या फर्जी और क्या इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है, इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। जांच पूरी होने से पहले क्लिप की प्रामाणिकता के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
जरांगे की सुरक्षा बढ़ाने पर गृह विभाग ले निर्णय
मनोज जरांगे पाटील की सुरक्षा के मुद्दे पर बन ने कहा कि यदि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता है, तो गृह विभाग उचित निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि जरांगे पाटील लंबे समय से मराठा समाज और आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मौजूदा सुरक्षा पर्याप्त है या उसमें बढ़ोतरी की जरूरत है, इसका आकलन पुलिस अधिकारियों और गृह विभाग को करना चाहिए।
फडणवीस ने मराठा समाज को आरक्षण दिया: बन
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का समर्थन करते हुए कहा कि फडणवीस ने मराठा समाज को आरक्षण देने का काम किया। उन्होंने कोपर्डी की घटना के बाद निकाले गए मराठा समाज के शांतिपूर्ण मोर्चों का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार ने शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण देने की पहल की थी।
उन्होंने कहा कि जरांगे पाटील की मांग के बाद जिन मराठा परिवारों के कुणबी होने के रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, उन्हें जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया तेज की गई है। बन के अनुसार, महायुति सरकार मराठा समाज की अन्य मांगों पर भी काम कर रही है और भाजपा आरक्षण से जुड़े मुद्दों के समाधान के पक्ष में है।
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