कोस्टल रोड, ईस्टर्न फ्रीवे समेत प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं को जोड़ेगा लूप, भारी ट्रैफिक वाले मार्गों पर कम होगा दबाव
Rahul Gupta
मुंबई, 5 सितंबर।
मुंबई में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के लिए नरीमन पॉइंट के चारों ओर करीब 27 किलोमीटर लंबा इनर रिंग रोड तैयार करने की योजना आकार ले रही है। यह रिंग रोड एक लूप के रूप में विकसित किया जाएगा, जो कोस्टल रोड, शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर, ईस्टर्न फ्रीवे और ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव लिंक जैसी प्रमुख परियोजनाओं को आपस में जोड़ते हुए दोबारा नरीमन पॉइंट पहुंचेगा।
फिलहाल इस प्रस्तावित लूप की कुछ महत्वपूर्ण कड़ियां चालू हैं, जबकि शिवड़ी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर और ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव लिंक जैसी परियोजनाओं का काम जारी है। 27 किलोमीटर का यह लूप मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित कई रिंग रोडों की श्रृंखला की शुरुआती कड़ी माना जा रहा है।
कई बड़े रिंग रोड से जुड़ेगा मुंबई का नेटवर्क
आगे चलकर 34, 67, 98।4, 119।62, 185।55, 197, 110 और 273।5 किलोमीटर लंबाई वाले बड़े रिंग रोड विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की प्रमुख परिवहन परियोजनाओं को एक व्यापक नेटवर्क में जोड़ना है।
प्रस्तावित नेटवर्क में बांद्रा-वर्ली सी लिंक, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड, ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन, नॉर्दर्न कोस्टल रोड, दहिसर-भायंदर कनेक्टिविटी, उत्तन-विरार सी लिंक और अटल सेतु जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर-दक्षिण मार्गों पर निर्भरता होगी कम
रिंग रोड नेटवर्क तैयार होने से मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच आवाजाही के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होंगे। इसके अलावा उत्तर-दक्षिण मुंबई, ठाणे, मीरा-भायंदर और बंदरगाह क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिल सकेंगे।
वर्तमान में मुंबई के कई प्रमुख उत्तर-दक्षिण मार्गों पर पीक आवर्स के दौरान भारी यातायात दबाव रहता है। नए कनेक्टिविटी नेटवर्क के जरिए वाहनों को जरूरत के अनुसार अलग-अलग मार्गों पर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
2024 में सामने आया था रिंग रोड का खाका
एमएमआरडीए आयुक्त डॉ। संजय मुखर्जी ने 2024 में मुंबई के सड़क नेटवर्क को नए तरीके से विकसित करने के लिए रिंग रोड का खाका सामने रखा था। इस योजना में समुद्री मार्गों, सुरंगों और एलिवेटेड कॉरिडोर को अलग-अलग परियोजनाओं के तौर पर देखने के बजाय एक-दूसरे से जुड़े परिवहन नेटवर्क के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
परियोजनाओं की अधूरी कड़ियां पूरी होने के बाद वाहन चालक कई मार्गों को आपस में जोड़कर भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचते हुए अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। ऐसे में नरीमन पॉइंट के आसपास प्रस्तावित 27 किलोमीटर का इनर लूप भविष्य के बड़े रिंग रोड नेटवर्क की महत्वपूर्ण शुरुआती कड़ी साबित हो सकता है।
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