
बोले मुख्यमंत्री- इंसानी मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और संवाद से बनेगी शांतिपूर्ण दुनिया
रीमा सिंह
मुंबई, 5 सितंबर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इंसानी मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और आपसी संवाद को भी समान महत्व दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भले ही दुनिया के अलग-अलग देशों की संस्कृति, परंपराएं और जीवनशैली अलग हों, लेकिन मानवता से जुड़े सार्वभौमिक मूल्य सभी को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। इन्हीं साझा मूल्यों को समझकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी सम्मान का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
वैश्विक असंतुलन के बीच संवाद जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर में वैश्विक व्यवस्था कई स्तरों पर असंतुलित हो रही है। ऐसे समय में अलग-अलग देशों को करीब लाने वाले मंचों की जरूरत और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि विचारधारा और परंपराओं में भिन्नता के बावजूद संवाद के जरिए साझा मूल्यों पर आधारित आपसी समझ विकसित की जा सकती है। फडणवीस ने कहा कि केवल आर्थिक संबंध और व्यापार दुनिया को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। देशों के बीच मानवीय सरोकारों पर आधारित बातचीत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इससे विभिन्न समाजों के बीच विश्वास और समझ मजबूत होगी।
‘वसुधैव कुटुम्बकम’ भारत की मूल भावना
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को यह दृष्टिकोण दिया कि पूरी मानवता एक परिवार है। भारत का प्रभाव केवल व्यापार और वस्तुओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां से विचार, ज्ञान और जीवन-मूल्य भी दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचे। फडणवीस ने भारत से विभिन्न देशों तक पहुंचे बौद्ध दर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका प्रसार युद्ध या हिंसा के माध्यम से नहीं हुआ। विचारों और मानवीय मूल्यों के प्रभाव ने इसे अलग-अलग समाजों तक पहुंचाया। यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति और संवाद की परंपरा का उदाहरण है।
‘ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम’ में जुटीं हस्तियां
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ‘ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम 2026’ के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, विद्वानों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया। मुंबई में ब्राजील के महावाणिज्यदूत जोस मौरो फोंसेका कोस्टा काउटो, रूस के महावाणिज्यदूत इवान फेटिसोव, चीन के महावाणिज्यदूत किन टी और दक्षिण अफ्रीका के महावाणिज्यदूत गेडियन लाबेन भी मौजूद रहे।
फडणवीस ने कहा कि अलग-अलग देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद बढ़ाकर आपसी सम्मान और समझ को मजबूत किया जा सकता है। साझा मानवीय मूल्यों की तलाश और उनका विस्तार ही विभिन्न समाजों को करीब लाने तथा अधिक संतुलित, शांतिपूर्ण और खुशहाल दुनिया की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता है।
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