
पेपर लीक, नकल और तकनीकी गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम; वी. राधा की अध्यक्षता में समिति
मुंबई, 5 सितंबर। महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 सितंबर को शासनादेश जारी कर समिति का गठन किया। इसका उद्देश्य पेपर लीक, नकल, फर्जी अभ्यर्थियों और तकनीक के दुरुपयोग जैसी गड़बड़ियों को रोकने के उपाय सुझाना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा की अध्यक्षता वाली समिति में पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, सचिव एन. रामास्वामी, विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, सेवानिवृत्त एयर मार्शल अजीत शंकरराव भोसले और आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर श्याम प्रसाद करगडे शामिल हैं।
प्रश्नपत्र से परिणाम तक जांच
समिति विभिन्न विभागों और परीक्षा संस्थाओं की मौजूदा व्यवस्था का अध्ययन करेगी। प्रश्नपत्र तैयार करने, छपाई और डिजिटल वितरण, परिवहन, परीक्षा संचालन, उत्तर दर्ज करने, मूल्यांकन और परिणाम जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर सुधार के सुझाव भी दिए जाएंगे।
अभ्यर्थियों से भी लेगी सुझाव
समिति राज्य के विभिन्न राजस्व विभागों का दौरा करेगी और अभ्यर्थियों तथा शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष या ऑनलाइन संवाद करेगी। दूसरे राज्यों की बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के साथ जरूरत पड़ने पर विदेशी परीक्षा प्रणालियों का भी संदर्भ लिया जाएगा। समिति भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के समाधान और अभ्यर्थियों के साथ प्रभावी संवाद की व्यवस्था मजबूत करने पर भी सुझाव देगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 12 अगस्त को हुई बैठक में परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर चर्चा के बाद यह समिति गठित की गई है।
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