केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश की जानकारी होने का शक, डिलीट वॉट्सऐप चैट रिकवर होने के बाद पुलिस ने बढ़ाई पूछताछ
Rahul Gupta
पुणे, 6 सितंबर।
लोनावला के लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों के सहपाठी रितेश हांगे को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि रितेश को वारदात से पहले हत्या की कथित योजना के बारे में जानकारी थी।
केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को लोहगढ़ किले पर हुई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और उसकी महिला मित्र सिया गोयल को गिरफ्तार कर चुकी है। रितेश हांगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की कथित साजिश में उसकी क्या भूमिका थी और उसे घटना की कितनी जानकारी थी।
डिलीट वॉट्सऐप चैट बनी अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के बीच वॉट्सऐप पर हुई बातचीत जांच में महत्वपूर्ण सुराग बनी है। बताया जा रहा है कि रितेश ने संबंधित चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने उसे रिकवर कर लिया।
इन संदेशों की जांच के बाद पुलिस को संदेह हुआ कि रितेश को हत्या की कथित साजिश के बारे में पहले से कुछ जानकारी थी। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया।
18 जून को लोहगढ़ चलने का दिया था प्रस्ताव
जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी और सिया गोयल ने 18 जून को रितेश हांगे को अपने साथ लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा था। हालांकि, रितेश उनके साथ नहीं गया। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद भी चेतन और सिया का रितेश से संपर्क बना हुआ था।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के बाद आरोपियों और रितेश के बीच क्या बातचीत हुई थी और इस पूरे घटनाक्रम में उसकी वास्तविक भूमिका क्या रही।
बालेवाड़ी में निजी कंपनी में करता है काम
रितेश हांगे मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। वह फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी इलाके में एक निजी कंपनी में काम करता है।
पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। हिरासत के दौरान जांच अधिकारी मुख्य आरोपियों के साथ उसके संबंध, कथित साजिश की जानकारी और हत्या के बाद हुई बातचीत को लेकर उससे पूछताछ करेंगे।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर जोर
पुणे ग्रामीण पुलिस मामले में मोबाइल फोन, वॉट्सऐप संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हत्या की कथित योजना के बारे में किन लोगों को जानकारी थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका रही है।
रितेश हांगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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