फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ऑफिस में घुसे 9 आरोपी, कारोबारी और पत्नी को बनाया बंधक; 6 गिरफ्तार
Rahul Gupta
मुंबई, 6 सितंबर।
महाराष्ट्र के मुंबई में अंधेरी पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों के ऑफिस में फर्जी छापा मारता था। इसके बाद कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम की मांग की जाती थी। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने एक कारोबारी से कार्रवाई से बचाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये की एक्सटॉर्शन की मांग की थी।
फर्जी पहचान पत्र दिखाकर ऑफिस में मारी रेड
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के ऑफिस में 6 पुरुष और 3 महिलाएं यानी कुल 9 लोग पहुंचे थे। आरोपियों ने खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी और कर्मचारी बताया। उन्होंने अपनी पहचान साबित करने के लिए फर्जी सरकारी पहचान पत्र भी दिखाए, जबकि उनका इन विभागों से कोई संबंध नहीं था।
कारोबारी और पत्नी को बनाया अपने कब्जे में
आरोपियों ने कथित तौर पर जबरदस्ती ऑफिस में प्रवेश किया और शिकायतकर्ता तथा उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी और ऑफिस में काम करने वाले 10 अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिए गए। किसी को भी ऑफिस से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मांगे 1 करोड़
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और उनके साथ गाली-गलौज भी की। कार्रवाई से बचाने के नाम पर उनसे 1 करोड़ रुपये की रकम मांगी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अंधेरी पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच के जरिए 6 आरोपी गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 812/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2), 204, 205, 333, 140(2), 127(1), 351(2) और 308(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- संतोष उदय खोपटकर, उम्र 37 वर्ष
- विनय रमेश मोरे, उम्र 37 वर्ष
- प्रेम किसन सबनानी, उम्र 50 वर्ष
- प्रज्ञा हरीश माईन, उम्र 27 वर्ष
- रेश्मा शामराव वारंग, उम्र 41 वर्ष
- सबीना हाफिज शेख, उम्र 48 वर्ष
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में कितने अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस फर्जी सरकारी पहचान पत्रों और कथित फर्जी छापे के लिए इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
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