
मुंबई, 6 सितंबर। महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड (महापारेषण) ने अभियंताओं व अधिकारियों के जम्मू प्रशिक्षण पर ₹30 करोड़ खर्च के INTUC के आरोप को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। कंपनी के अनुसार, अगस्त 2026 तक IIT जम्मू में केवल तीन प्रशिक्षण बैच आयोजित हुए, जिन पर कुल खर्च ₹1 करोड़ से कम रहा।
महापारेषण ने बताया कि वर्ग-1 और वर्ग-2 अधिकारियों को अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में दिलाया जाता है। Protection System, Automation, SCADA, आधुनिक Substation Technology, Safety और Emergency Restoration जैसी तकनीकों के लिए Powergrid, CBIP, NPTI, Siemens, GE और IIT जम्मू सहित विभिन्न संस्थानों में प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। यह व्यवस्था 10 वर्षों से अधिक समय से लागू है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की रेल या हवाई यात्रा के नियम भी नए नहीं हैं और पद व पात्रता के अनुसार पिछले 10 वर्षों से लागू हैं। जम्मू प्रशिक्षण के लिए कोई विशेष हवाई किराया नीति या नया परिपत्र जारी नहीं किया गया।
महापारेषण ने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण को खर्च के बजाय विद्युत पारेषण व्यवस्था की सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ाने के लिए निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए। कंपनी ने कर्मचारी संगठनों से व्यक्तिगत आरोपों के बजाय आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की अपील की।
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