महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़े अभियान के बीच FDA कमिश्नर ने कहा- यह तुकाराम मुंढे के बारे में नहीं, जनस्वास्थ्य बेहतर बनाने की मुहिम है
Rahul Gupta
मुंबई, 7 सितंबर।
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार कार्रवाई कर रहे राज्य खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे इन दिनों चर्चा में हैं। राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़े अभियान के बाद उनकी लोकप्रियता भी बढ़ी है। हालांकि, मुंढे का कहना है कि व्यक्तिगत लोकप्रियता उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। उनके लिए जनता का स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है।
मुंढे से जब पूछा गया कि उनकी बढ़ती पॉपुलैरिटी कहीं उनके काम से ध्यान तो नहीं भटका रही, तो उन्होंने कहा कि लोकप्रियता कभी उनका लक्ष्य नहीं रही। उन्होंने कहा कि उनके लिए जनस्वास्थ्य जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। उनका कहना था कि यह सब तुकाराम मुंढे के बारे में नहीं है, बल्कि भारत और जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लक्ष्य के बारे में है।
दो दशकों से यही काम कर रहा हूं
तुकाराम मुंढे ने अपने ऊपर राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह पिछले दो दशकों की अपनी सेवा के दौरान इसी तरह काम करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर देश का मानव संसाधन स्वस्थ नहीं होगा तो भारत महाशक्ति नहीं बन सकता। उन्होंने नागरिकों से जनस्वास्थ्य को सबसे अहम मुद्दा बनाने की अपील भी की।
मई से अब तक 12,083 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
तुकाराम मुंढे ने मई 2026 में महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर का पद संभाला था। उनके मुताबिक, पद संभालने के बाद से अब तक 12,083 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इनमें से 5,269 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 603 संस्थानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर FDA की यह कार्रवाई राज्यभर में जारी है।
स्विगी और जोमैटो की जवाबदेही पर भी सवाल
तुकाराम मुंढे ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी और जोमैटो की जवाबदेही को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक ये कंपनियां फूड बिजनेस ऑपरेटर हैं, लेकिन वे खुद को इस रूप में नहीं मानतीं।
मुंढे के मुताबिक, इन कंपनियों के पास गोदाम भी हैं और FDA की ओर से उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हर संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर को करना होगा।
इलायची विज्ञापन मामले में दो एक्टर्स के जवाब मिले
प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांडों के सरोगेट विज्ञापनों यानी इलायची के विज्ञापनों को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भेजे गए नोटिस पर भी मुंढे ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तीनों में से दो एक्टर्स के जवाब FDA को मिल चुके हैं। नोटिस में जवाब देने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया था और अभी इस अवधि के कुछ दिन बाकी हैं। मामले में FDA आगे मिलने वाले जवाब और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई पर फैसला करेगा।
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