MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, सहआरोपी के मोबाइल से मिली 270 पन्नों की WhatsApp चैट

ऋतुजा पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव पाटिल के बीच हुई बातचीत में कथित पेपर लीक, पैसों के लेन-देन और परीक्षा में आए सवालों के संकेत मिलने का दावा

Rahul Gupta

मुंबई, 8 सितंबर। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। क्राइम ब्रांच को सहआरोपी लोकेश उर्फ गौरव पाटिल के मोबाइल फोन से ऋतुजा पाटिल और उसके बीच हुई करीब 270 पन्नों की WhatsApp चैट मिली है। जांच एजेंसियां अब इन चैट्स के आधार पर कथित पेपर लीक, पैसों के लेन-देन और परीक्षा में पूछे गए सवालों के बीच कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

जांच के मुताबिक, ऋतुजा का मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं हुआ है। एजेंसी का दावा है कि उसने कथित तौर पर अपना मोबाइल उल्हास नदी में फेंक दिया था। ऐसे में गौरव पाटिल के मोबाइल से बरामद चैट को जांच में अहम डिजिटल सबूत माना जा रहा है।

चैट में परीक्षा के सवालों का कथित जिक्र

जांच एजेंसी के मुताबिक, 20 मार्च की WhatsApp चैट में एक प्रश्नसंच के कुछ सवाल परीक्षा में आने की बात का कथित तौर पर उल्लेख है। इसी बातचीत में करीब 10 सवाल जानबूझकर गलत हल करने की बात सामने आने का भी दावा किया गया है।

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22 मार्च की चैट में ऋतुजा ने कथित तौर पर दावा किया कि दिए गए सवालों में से 78 प्रश्न परीक्षा में आए थे। इसके अलावा 13 अन्य प्रश्न हल करने के बाद कुल 91 प्रश्न हल किए जाने का उल्लेख भी चैट में होने की बात कही गई है।

फरार आरोपी मयूर ठाकरे की भूमिका की जांच

जांच में फरार आरोपी मयूर ठाकरे की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। चैट में मयूर का कथित तौर पर उल्लेख मिलने के बाद क्राइम ब्रांच उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, बातचीत में ऋतुजा के पिता द्वारा मयूर को मामले की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि परिवार के सदस्यों को भी नहीं बताने के लिए कहे जाने का उल्लेख होने का दावा किया गया है।

प्रश्नसंच कहां से लीक हुआ, इसकी जांच

क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा का प्रश्नसंच किस स्तर पर लीक हुआ और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे। इसके साथ ही कथित पेपर लीक के बदले पैसों का लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।

270 पन्नों की WhatsApp चैट मिलने के बाद जांच एजेंसियों को मामले की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, चैट में सामने आए दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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