मनोज जरांगे का अनशन 10वें दिन, 12 सितंबर को जालना में बड़े जुटान का ऐलान; पुलिस कार्रवाई पर महाराष्ट्र बंद की चेतावनी

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवाली सराटी में जारी अनिश्चितकालीन अनशन के बीच जरांगे ने पुणे, ठाणे, नासिक और मुंबई समेत प्रमुख जिलों के लोगों से 12 सितंबर को जुटने की अपील की

Rahul Gupta

जालना, 8 सितंबर।

मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच उन्होंने 12 सितंबर को महाराष्ट्र के जालना में बड़े पैमाने पर जुटने का आह्वान किया है। जरांगे ने चेतावनी दी कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई तो महाराष्ट्र में राज्यव्यापी बंद किया जाएगा।

अंतरवाली सराटी गांव में प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान जरांगे ने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ मंत्री मराठा समुदाय को गुमराह करने के लिए मिलीभगत कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर प्रदर्शनकारी मुंबई की ओर बढ़ते हैं तो अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर उन्हें रोकने की योजना बनाई है।

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12 सितंबर को पूरी ताकत से जुटने की अपील

मनोज जरांगे ने पुणे, ठाणे, नासिक और मुंबई समेत महाराष्ट्र के प्रमुख जिलों के लोगों से 12 सितंबर को बड़ी संख्या में जुटने की अपील की है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि फिलहाल अंतरवाली सराटी में भीड़ न जुटाएं, लेकिन 12 सितंबर को एक भी मराठा पीछे नहीं रहना चाहिए।

जरांगे ने यह भी कहा कि अंतरवाली सराटी की ओर जाते समय अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को परेशान करती है तो वे किसी तरह की जवाबी कार्रवाई न करें और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखें।

पुलिस कार्रवाई पर महाराष्ट्र बंद की चेतावनी

जरांगे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस की ओर से परेशान किए जाने के बावजूद आंदोलनकारी पुलिस के लिए कोई परेशानी खड़ी नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी एक भी प्रदर्शनकारी का खून बहा तो महाराष्ट्र को 10 मिनट के भीतर बंद कर दिया जाना चाहिए।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना हुआ है।

29 अगस्त से जारी है अनिश्चितकालीन अनशन

मनोज जरांगे ने 29 अगस्त को अपना ताजा अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। उनकी प्रमुख मांग है कि मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण दिया जाए।

जरांगे हैदराबाद और सतारा गजट में दर्ज ऐतिहासिक अभिलेखों को लागू करने तथा मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं।

कुनबी प्रमाणपत्र की मांग क्यों अहम?

कुनबी एक पारंपरिक कृषक समुदाय है, जिसे आधिकारिक तौर पर ओबीसी श्रेणी में रखा गया है। कुनबी जाति प्रमाणपत्र मिलने के बाद पात्र मराठा समुदाय के सदस्य शिक्षा और सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण का लाभ उठा सकते हैं।

इसी वजह से मराठा आरक्षण आंदोलन में कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील

अनशन के दौरान जरांगे ने समर्थकों से प्रदर्शन स्थल पर अनावश्यक भीड़ नहीं जुटाने की अपील की है। उन्होंने 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी पहुंचने वाले लोगों से भी पुलिस के साथ किसी तरह का टकराव नहीं करने को कहा है।

जरांगे ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और पुलिस की ओर से किसी तरह की कार्रवाई या परेशानी के बावजूद प्रदर्शनकारियों को संयम बनाए रखना चाहिए।

ओबीसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

इस बीच अंतरवाली सराटी में जरांगे के प्रदर्शन स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर जवाबी भूख हड़ताल शुरू करने वाले चार ओबीसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की।

मराठा आरक्षण की मांग के समानांतर ओबीसी कार्यकर्ताओं की ओर से शुरू किए गए इस विरोध प्रदर्शन के बाद अंतरवाली सराटी में तनाव और बढ़ गया है।

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