रीमा सिंह
मुंबई, 9 सितंबर।
पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने जुलाई 2026 में असाधारण सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले छह रेलकर्मियों को ‘मैन ऑफ द मंथ’ संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह में कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें मुंबई सेंट्रल और अहमदाबाद मंडल के दो-दो तथा वडोदरा और भावनगर मंडल के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं।
मालगाड़ी में खराब कपलिंग की समय पर पहचान
मुंबई सेंट्रल मंडल के टेक्नीशियन अब्दुल वहाब ने मालगाड़ी के दो वैगनों के बीच असामान्य दूरी देखकर तत्काल अधिकारियों को सूचित किया। जांच में सेंटर बफर कपलर योक में टूट-फूट और प्रभाव के निशान मिले। संबंधित वैगन को असुरक्षित घोषित कर सेवा से हटा दिया गया। उनकी सतर्कता से संभावित दुर्घटना टल गई।
वंदे भारत में असामान्य झटकों को पहचाना
मुंबई सेंट्रल मंडल के बांद्रा टर्मिनस में तैनात लोको पायलट (मेल) कल्याण सिंह ने 1 जुलाई को ट्रेन संख्या 22962 अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस चलाते समय मरौली और नवसारी के बीच असामान्य झटके महसूस किए। उन्होंने तुरंत ट्रेन रोककर अधिकारियों को सूचना दी। निरीक्षण में ट्रैक में असमानता पाई गई, जिसके बाद प्रभावित हिस्से पर 10 किमी प्रति घंटे की गति सीमा लागू की गई।
अन्य कर्मचारियों ने भी दिखाई सतर्कता
अहमदाबाद, वडोदरा और भावनगर मंडलों के अन्य कर्मचारियों को भी उनकी त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। इनमें माल डिब्बे से लटक रहे पाइप की सूचना देना, साबरमती कोचिंग टर्मिनल पर कोच में लगी आग को समय रहते देखना, गुजरती ट्रेन के जाम पहिए की पहचान करना और रेलवे ट्रैक के पास लगी आग की सूचना देना शामिल है।
सुरक्षित रेल परिचालन में योगदान
पश्चिम रेलवे ने सभी पुरस्कार विजेताओं की कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और संरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। रेलवे के अनुसार, इन कर्मचारियों की सतर्कता से संभावित अप्रिय घटनाओं को समय रहते रोका जा सका और सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
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