अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने शहरी बाढ़ की चुनौतियों और तैयारियों की जानकारी दी
रीमा सिंह
मुंबई, 10 सितंबर।
दक्षिण कोरिया के प्रमुख बंदरगाह एवं परिवहन केंद्र इंचॉन में 7 और 8 सितंबर को छठे अंतरराष्ट्रीय आपदा लचीलापन नेतृत्व मंच ‘इंचॉन 2026’ का आयोजन किया गया। इंचॉन महानगरपालिका, संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (UNDRR), वैश्विक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और इंचॉन इंस्टीट्यूट के संयुक्त आयोजन में 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए।
मुंबई की बाढ़ चुनौती पर प्रस्तुतीकरण
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने सम्मेलन में बीएमसी का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ‘सिटी नेटवर्किंग इवेंट’ सत्र में मुंबई में शहरी बाढ़ की चुनौतियों और बीएमसी की आपदा प्रबंधन तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बांगर ने बताया कि 1973 से 2020 के बीच मुंबई के वार्षिक तापमान में प्रत्येक दशक करीब 0.25 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। शहर में 249 भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं, जबकि हर वर्ष करीब 16 दिन 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश होती है। बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों के 250 मीटर के दायरे में करीब 35 प्रतिशत आबादी रहती है। तटीय क्षेत्र में 50 से अधिक घनी बस्तियां भी आपदा जोखिम की चुनौती बढ़ाती हैं।
जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
बीएमसी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से मुंबई की बाढ़ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम (UFRMP) शुरू किया है। इसके तहत पंपिंग स्टेशन और होल्डिंग टैंक का निर्माण, वर्षा जल निकासी नेटवर्क का विस्तार और सुदृढ़ीकरण तथा स्वचालित बाढ़ द्वार लगाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
एआई और पूर्व चेतावनी प्रणाली का इस्तेमाल
बीएमसी प्रकृति आधारित उपायों के साथ तकनीक का भी उपयोग कर रही है। इनमें बायोरिटेंशन सिस्टम, बायोस्वेल्स, स्पंज पार्क, हरित गलियारे तथा एआई आधारित स्मार्ट ड्रेनेज और नाला प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। आईआईटी मुंबई के सहयोग से विकसित पूर्व चेतावनी प्रणाली मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिन पहले तक बारिश का पूर्वानुमान देने में सक्षम है। इससे समय रहते राहत और आपदा प्रबंधन की तैयारियां करने में मदद मिलती है। बांगर ने कहा कि इंजीनियरिंग, प्रकृति आधारित और तकनीक आधारित उपायों के समन्वय से मुंबई के लिए व्यापक शहरी बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जा रही है।
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