रीमा सिंह
मुंबई/नई दिल्ली, 10 सितंबर।
महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति बेहद गंभीर होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंभ मेले में सीसीटीवी व्यवस्था पर 300 करोड़ रुपये खर्च करने वाली महायुति सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर संकट
नई दिल्ली स्थित नवीन महाराष्ट्र सदन में पत्रकारों से बातचीत में सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र में खरीफ सबसे महत्वपूर्ण फसल का मौसम है, लेकिन बारिश के लंबे अंतराल के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुआई पहले ही देर से हुई और अब करीब एक महीने से बारिश नहीं हुई है। किसानों ने जो बोया, वह कई जगह उगा ही नहीं और जो फसल उगी, वह बारिश के अभाव में सूखने लगी है।
किसानों को हेक्टेयर 50 हजार रुपये सहायता मिले
सपकाल ने कहा कि बारिश नहीं होने के बाद सरकार को कृत्रिम बारिश के विकल्प पर कदम उठाना चाहिए था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध है, वे भी फसलों को पानी नहीं दे पा रहे हैं। सरकार को अभी से पानी और चारे की संभावित कमी को देखते हुए योजना बनानी चाहिए। पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी की व्यवस्था की जाए तथा केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए।
एमपीएससी की अव्यवस्था से छात्रों में आक्रोश
सपकाल ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों युवा सरकारी नौकरी और अधिकारी बनने का सपना लेकर पुणे समेत विभिन्न शहरों में एमपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। इनमें ग्रामीण और सामान्य परिवारों के विद्यार्थियों की संख्या बड़ी है। पेपर लीक और कथित अव्यवस्था के कारण इन छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। कांग्रेस ने एमपीएससी के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की है।
पेपर लीक को बताया संगठित अपराध
सपकाल ने कहा कि औषधि निरीक्षक परीक्षा में विवाद के बाद अब गट-क परीक्षा का पेपर पहले ही लीक होने की जानकारी सामने आई, जिसके चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक एक संगठित अपराध है और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें कठोर सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थी लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मामले पर कुंभकर्णी नींद में सो रही है।
पार्थ पवार पर मामला दर्ज करने की मांग
पुणे के जमीन कथित घोटाले को लेकर सपकाल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के सांसद पार्थ पवार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्थ पवार पर अब तक मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसका जवाब देना चाहिए। सपकाल के मुताबिक, यह मामला मुख्यमंत्री फडणवीस ने ही सामने लाया था और अब न्यायालय द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री को उसका जवाब देना चाहिए।
जमीन मामले की जांच की मांग
सपकाल ने आरोप लगाया कि पुणे के जमीन मामले में पार्थ पवार मुख्य सूत्रधार हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।