फर्जी दस्तावेजों के मामले में करीब दो साल से था वांछित, चार महीने से बौद्ध विहार में पहचान छिपाकर रह रहा था; पूछताछ के लिए ग्वालियर ले गई एसटीएफ
Rahul Gupta
नागपुर, 11 सितंबर।
महाराष्ट्र के नागपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में भोपाल एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए जॉयसन चौधरी नाम के एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। वह यशोधरानगर थाना क्षेत्र के प्रवेशनगर स्थित एक बौद्ध विहार में अपनी पहचान छिपाकर भिक्षु के वेश में रह रहा था।
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की टीम उसे आगे की जांच और पूछताछ के लिए ग्वालियर ले गई। इस मामले में जॉयसन चौधरी समेत करीब 20 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगभग दो वर्ष पहले ग्वालियर में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
चार महीने से नागपुर में छिपकर रह रहा था
एसटीएफ को जांच के दौरान जानकारी मिली थी कि जॉयसन चौधरी नागपुर में छिपकर रह रहा है। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब चार महीने से प्रवेशनगर स्थित बौद्ध विहार में रह रहा था और उसने अपनी असली पहचान छिपाकर भिक्षु का रूप धारण कर रखा था।
उसके नागपुर में होने की जानकारी मिलने के बाद भोपाल एसटीएफ ने नागपुर एटीएस से संपर्क किया। इसके बाद यशोधरानगर पुलिस की मदद से एसटीएफ ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत आने का दावा
प्राथमिक पूछताछ में चौधरी ने करीब दो वर्ष पहले गुजरात के वडोदरा में फर्जी पासपोर्ट बनवाने और उसके आधार पर मध्य प्रदेश पहुंचने की जानकारी दी है। एसटीएफ अब उसके दस्तावेजों, भारत में रहने की गतिविधियों और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
बताया जाता है कि चौधरी पहले नागपुर में पकड़े जा चुके बांग्लादेशी नागरिक पलाश बरुआ उर्फ चौधरी का साथी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी नेटवर्क के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में रहने में मदद की जा रही थी।
ग्वालियर में 1 मई 2024 को दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ ग्वालियर में 1 मई 2024 को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। एसटीएफ इस मामले में कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच एजेंसी अब जॉयसन चौधरी से पूछताछ कर उसके संपर्कों और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की भी हुई थी जांच
इससे पहले नागपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट तैयार कर उन्हें विदेश भेजे जाने से जुड़ा मामला भी सामने आया था। जांच के दौरान दो दर्जन से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब जॉयसन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह इस नेटवर्क से किस तरह जुड़ा था और उसके संपर्क में कितने लोग थे।
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