10 बैंक खातों से 24 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 11 सितंबर। ऑनलाइन साइबर ठगी के लिए अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते और सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। अपराध शाखा की कक्ष-5 की टीम ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि आरोपियों ने महज 10 बैंक खातों के जरिए करीब 24 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तीन आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खुद के अलावा दूसरे लोगों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवा रहे हैं। इन खातों से सिमकार्ड लिंक करने के लिए अलग-अलग लोगों के नाम पर मोबाइल सिम भी खरीदे जा रहे थे। बैंक खाते खुलवाने के बाद आरोपी पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिमकार्ड और बैंक खातों से जुड़े अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों के लिए कर रहे थे।
गुप्त सूचना की पुष्टि के बाद अपराध शाखा की टीम ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में उनके ऑनलाइन साइबर ठगी में शामिल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मालाड पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 1496/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की आगे की जांच अपराध शाखा की कक्ष-5 कर रही है।
बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से पंचनामा कर बड़ी संख्या में बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की है। इनमें—
विभिन्न बैंकों की 88 पासबुक
143 चेकबुक
100 एटीएम कार्ड
बैंकों से जुड़े अन्य दस्तावेज
विभिन्न कंपनियों के 24 मोबाइल फोन
167 सिमकार्ड
2 लैपटॉप
अन्य सामग्री
शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में आरोपियों द्वारा 10 बैंक खातों से करीब 24 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने का पता चला है। इन बैंक खातों के खिलाफ 1930 साइबर क्राइम पोर्टल पर 32 शिकायतें भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
2,898 सिमकार्ड का इस्तेमाल
मामले की तकनीकी जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने साइबर ठगी के लिए अब तक 2,898 सिमकार्ड का इस्तेमाल किया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतने बड़े पैमाने पर सिमकार्ड और बैंक खाते आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इस नेटवर्क में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें 19 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सिमकार्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रौशन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अपराध शाखा कक्ष-5 की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रोहिणी पोतदार और उनकी टीम ने की।
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