एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट और गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं से जूझ रही माधुरी को हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी और विशेष फुट केयर से मिला लाभ
Rahul Gupta
जामनगर, 11 सितंबर।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित नंदानी मठ की हथिनी माधुरी एक साल से अधिक समय तक चले इलाज और पुनर्वास के बाद अब अपने घर लौटने के लिए तैयार है। विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए उसे जामनगर स्थित वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र वंतारा लाया गया था। यहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ है और उसे यात्रा के लिए फिट घोषित किया गया है।
जब माधुरी वंतारा पहुंची थी, तब वह एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट और गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। ये परेशानियां लंबे समय तक सीमित गतिविधियों और कठोर कंक्रीट सतहों पर रहने के कारण विकसित हुई थीं। लंबे समय तक जंजीरों से बंधे रहने की वजह से उसकी प्राकृतिक गतिविधियां भी सीमित रही थीं, जिससे उसके जोड़ों में जकड़न और चलने-फिरने की समस्याएं बढ़ गई थीं।
त्योहारों और जुलूसों में लगातार शामिल होती रही माधुरी
माधुरी की स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद उसे त्योहारों और सार्वजनिक जुलूसों में लगातार शामिल कराया जाता रहा। इस दौरान उसे रस्सियों से बांधकर गर्म डामर की सड़कों पर लंबी दूरी तक चलाया जाता था।
वेंतारा में अनंत अंबानी के मार्गदर्शन में माधुरी को बहु-विषयक टीम की निगरानी में व्यापक चिकित्सा और पुनर्वास सुविधा दी गई। टीम ने उसके शारीरिक स्वास्थ्य, गतिशीलता और भावनात्मक कल्याण में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया।
हाइड्रोथेरेपी और लेजर थेरेपी से हुआ इलाज
पिछले एक वर्ष के दौरान माधुरी ने गहन पुनर्वास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसमें पशु चिकित्सक, देखभालकर्ता, पोषण विशेषज्ञ और व्यवहार विशेषज्ञ शामिल रहे। उसके उपचार में हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी, लक्षित पोषण, विशेष फुट केयर और लगातार स्वास्थ्य निगरानी शामिल रही।
उपचार का मुख्य उद्देश्य उसकी गतिशीलता में सुधार करना, पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करना और उसके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था।
दूसरे हाथियों के साथ रहने से मिला भावनात्मक सहारा
माधुरी के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ उसके भावनात्मक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। वंतारा में उसे सुरक्षित और समृद्ध वातावरण में अन्य हाथियों के साथ रहने और उनके साथ सामाजिक संबंध बनाने का अवसर मिला।
लंबे समय तक सीमित गतिविधियों और कैद में रहने के बाद दूसरे हाथियों की संगति ने उसकी भावनात्मक स्थिरता और सुरक्षा की भावना को फिर से विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुप्रीम कोर्ट की समिति के आकलन के बाद वापसी
माधुरी की वापसी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई पावर्ड कमेटी के आकलन के बाद हो रही है। समिति ने उसके बेहतर स्वास्थ्य की समीक्षा की, जिसके बाद गुजरात से महाराष्ट्र तक उसके स्थानांतरण के लिए आवश्यक मंजूरियां और ट्रांजिट परमिट दिए गए।
अब माधुरी वंतारा से एक विशेष रूप से सुसज्जित हाथी एंबुलेंस में कोल्हापुर के लिए रवाना होगी। यात्रा के दौरान वंतारा की पशु चिकित्सा और देखभाल टीम के सदस्य उसके साथ रहेंगे, ताकि उसके आराम, सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी का पूरा ध्यान रखा जा सके।
एक साल से अधिक समय तक चले इलाज और पुनर्वास के बाद माधुरी की कोल्हापुर वापसी उसके स्वास्थ्य में हुए सुधार का महत्वपूर्ण पड़ाव है। वंतारा के अनुसार, उसके स्वास्थ्य और रिकवरी का विस्तृत आकलन करने के बाद उसे यात्रा के लिए फिट घोषित किया गया है और अब वह नंदानी मठ लौटने के लिए तैयार है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।