परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सुझाया वैकल्पिक रूट, स्थानीय नगरसेवकों और लोगों ने किया विरोध; मांग- पहले से तय मार्ग पर ही बने मेट्रो
Rahul Gupta
ठाणे, 12 सितंबर।
ठाणे रिंग मेट्रो के रूट को लेकर सत्ताधारी शिंदेसेना के भीतर ही मतभेद सामने आने लगे हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने रिंग मेट्रो के लिए एक वैकल्पिक रूट का सुझाव दिया है, लेकिन पार्टी के कुछ स्थानीय नगरसेवक और इलाके के लोग इस बदलाव के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि मेट्रो का काम पहले से तय रूट के मुताबिक ही आगे बढ़ना चाहिए।
सरनाईक के सुझाए रूट का विरोध क्यों?
रिंग मेट्रो के पहले से तय रूट में लोकमान्यनगर, शिवाईनगर और उपवन इलाके शामिल थे। अब प्रताप सरनाईक ने इसमें बदलाव का सुझाव दिया है।
प्रस्तावित नए रूट के मुताबिक मेट्रो को लोकमान्य टीएमटी डिपो, आई माता मंदिर, कोरस रोड, वर्तकनगर नाका और शास्त्रीनगर की तरफ से ले जाने की बात कही गई है। इसी बदलाव को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है।
नगरसेवकों ने लोगों के साथ किया प्रदर्शन
नए रूट के विरोध में नगरसेवक दिलीप बारटक्के और कांचन चिंदरकर के नेतृत्व में लोगों ने आई माता चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर रूट बदलने का विरोध जताया।
इस प्रदर्शन में इलाके की अलग-अलग सोसायटियों के लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि रिंग मेट्रो का रूट बदला नहीं जाए और पहले से तय मार्ग पर ही परियोजना का काम आगे बढ़ाया जाए।
लोगों को किन दिक्कतों की चिंता?
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि नए रूट से इलाके में कई तरह की परेशानियां पैदा हो सकती हैं। उनका दावा है कि प्रस्तावित मार्ग के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई करनी पड़ सकती है।
लोगों को सड़कों के नीचे मौजूद सर्विस लाइन और अन्य सुविधाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की भी चिंता है। इसके अलावा विस्थापन की आशंका भी जताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में पहले से ट्रैफिक की समस्या है, वहां नए रूट के कारण परेशानी और बढ़ सकती है।
‘मेट्रो चाहिए, लेकिन पुराने रूट पर’
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने साफ कहा कि वे रिंग मेट्रो परियोजना के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि मेट्रो को पहले से तय रूट पर ही बनाया जाए।
लोगों ने ‘मेट्रो चाहिए, लेकिन मूल रूट पर ही’ का नारा भी लगाया। प्रदर्शन में म्हाडा वसाहत, दोस्ती, वेदांत कॉम्प्लेक्स, कोरस टॉवर और रुणवाल प्लाजा समेत कई इलाकों की सोसायटियों के लोग शामिल हुए।
शिंदेसेना में ही अलग-अलग राय
रिंग मेट्रो के रूट को लेकर अब सत्ताधारी शिंदेसेना के नेताओं की राय एक जैसी नहीं दिख रही है। एक तरफ मंत्री प्रताप सरनाईक नए रूट का सुझाव दे रहे हैं, वहीं पार्टी के स्थानीय नगरसेवक और इलाके के लोग पुराने रूट को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे की जानकारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक पहुंचाने की बात भी कही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन रिंग मेट्रो के रूट को लेकर आगे क्या फैसला लेते हैं।
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