नकली डेथ सर्टिफिकेट, फर्जी एफिडेविट और सोसाइटी का जाली एनओसी बनाकर रची साजिश; बोरीवली की महिला गिरफ्तार
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 12 सितंबर।बोरीवली में एक महिला ने अपने जिंदा पति को सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देने का मामला सामने आया है। आरोपी महिला ने कथित तौर पर पति का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का जाली एनओसी तैयार कराया और पति के साथ संयुक्त स्वामित्व वाले फ्लैट को बेच दिया। इतना ही नहीं, इसी संपत्ति को गिरवी रखकर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का बैंक लोन भी कराया गया। मामले का खुलासा होने के बाद बोरीवली पुलिस ने आरोपी पत्नी शालिनी डायना क्रास्टा को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला बोरीवली एल.एम. रोड स्थित राज विला कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का है। पुलिस के अनुसार, रयान क्रास्टा ने वर्ष 2007 में शालिनी से शादी की थी। वर्ष 2016 में दोनों ने करीब 73.80 लाख रुपये में एक बेडरूम का फ्लैट खरीदा था। इसके लिए उन्होंने बैंक से लगभग 56 लाख रुपये का कर्ज लिया था। रयान के मुताबिक, वे नियमित रूप से लोन की किस्तें चुका रहे थे और फ्लैट दोनों के नाम पर पंजीकृत था। बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ और दोनों अलग-अलग रहने लगे।
दोस्त की सूचना से खुला राज
मामले का खुलासा मई 2026 में तब हुआ, जब रयान के दोस्त प्रसाद पाताड़े ने उन्हें बताया कि बोरीवली स्थित उनका फ्लैट एक निजी बैंक के पास गिरवी रखा गया है। जानकारी मिलने के बाद रयान अपनी मां के साथ बैंक पहुंचे। बैंक से मिले दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि फ्लैट को धर्मेश जगदीश तन्ना और उनकी पत्नी धारा धर्मेश तन्ना के नाम पर बेच दिया गया था और इसी संपत्ति के आधार पर 1.11 करोड़ रुपये का लोन मंजूर कराया गया था।
जांच में सामने आया कि 11 अप्रैल 2025 को शालिनी ने फ्लैट की बिक्री से जुड़े दस्तावेज तैयार कराए थे। रयान को मृत साबित करने के लिए कथित तौर पर उनका फर्जी डेथ सर्टिफिकेट पेश किया गया। इसके अलावा, एक एफिडेविट में शालिनी ने खुद को रयान की इकलौती कानूनी वारिस बताया।
सोसाइटी का एनओसी भी निकला फर्जी
फ्लैट की बिक्री को वैध दिखाने के लिए सोसाइटी का फर्जी एनओसी भी तैयार किया गया था। रयान ने जब यह दस्तावेज सोसाइटी के पदाधिकारियों को दिखाया, तो अध्यक्ष गौतम पुरोहित, सचिव पूजा पाताड़े और खजांची एस. पाटिल ने एनओसी जारी करने से साफ इनकार कर दिया। पदाधिकारियों ने दस्तावेज पर मौजूद अपने हस्ताक्षरों को भी फर्जी बताया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि फ्लैट की बिक्री के एवज में शालिनी को 1.11 करोड़ रुपये मिले थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी डेथ सर्टिफिकेट, एफिडेविट और एनओसी तैयार कराने में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस 1.11 करोड़ रुपये की रकम के इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद शालिनी को बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
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