पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पत्नी और बेटी के साथ ठाणे पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की, युवाओं से संवैधानिक और कानूनी रास्ते अपनाने की अपील की
राहुल गुप्ता
ठाणे, 15 सितंबर।
ठाणे में देशपांडे परिवार का 50वां गणेशोत्सव इस बार खास बन गया। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी और बेटी के साथ कॅडबरी क्षेत्र स्थित देव कॉर्पोरा पहुंचे। उन्होंने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर सांसद संजय राऊत, ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यवसायी जितेंद्र मेहता समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों और काशी से आए पुजारियों ने भी धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
Gen Z को लेकर क्या बोले रामनाथ कोविंद?
गणपति दर्शन के बाद रामनाथ कोविंद ने उपस्थित लोगों से संवाद किया। उन्होंने आज की जनरेशन Z का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 50 वर्ष पहले की युवा पीढ़ी भी ऊर्जा और नए विचारों से भरी हुई थी। समय के साथ पीढ़ियों के नाम और परिस्थितियां बदलती हैं, लेकिन युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और नेतृत्व की भावना में काफी समानता रहती है।
उन्होंने इतिहास और रामायण के उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने भी अपने समय में युवावस्था की ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था। कोविंद ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने माता-पिता को पुरानी पीढ़ी का हिस्सा मानती है और खुद को नई पीढ़ी का प्रतिनिधि समझती है।
आंदोलन को लेकर युवाओं को दी नसीहत
Gen Z और आंदोलनों के संदर्भ में रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज के युवा अपने आसपास होने वाली घटनाओं पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए संवैधानिक और कानूनी रास्ते अपनाना जरूरी है।
उन्होंने वाहनों को जलाने, तोड़फोड़ और हिंसक आंदोलनों से बचने की अपील की। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संवैधानिक मार्ग के विचार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा देश के विकास में लगानी चाहिए। उन्होंने Gen Z के काम करने के तरीके पर गर्व भी जताया।
ठाणे की पुरानी यादें कीं साझा
रामनाथ कोविंद ने ठाणे से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार ठाणे शहर का दौरा किया था, तब यह आज के विशाल महानगर जैसा नहीं था, बल्कि गांव जैसा नजर आता था।
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वे बेहद सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़े। गर्मियों में उनके पैरों में चप्पल तक नहीं होती थी और धूप से बचने के लिए वे दौड़ते थे। उन्होंने छठी कक्षा से अंग्रेजी सीखने के अपने अनुभव को भी साझा किया।
किताब की रॉयल्टी नहीं लेंगे
पूर्व राष्ट्रपति ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने एक पुस्तक लिखी है, जिसका हिंदी, मराठी, गुजराती समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन होना है। उन्होंने कहा कि प्रकाशकों को पुस्तक प्रकाशित करने की पूरी स्वतंत्रता होगी और वे इस पुस्तक से कोई रॉयल्टी नहीं लेंगे।
इस अवसर पर आधार जेनरिक के संस्थापक अर्जुन देशपांडे ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनके परिवार का स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में रामनाथ कोविंद ने देश की प्रगति, शांति, सुख और समृद्धि के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना की।
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