परभणी के सुहागन गांव में गणेश साहेबराव भोसले ने खेत में फंदा लगाकर जान दी, पुलिस को जेब से मिली चिट्ठी; घटना के बाद ग्रामीणों और मराठा समाज में आक्रोश
राहुल गुप्ता
परभणी, 15 सितंबर।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच परभणी जिले के पूर्णा तालुका के सुहागन गांव में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह मराठा आरक्षण के मुद्दे का समाधान नहीं निकलने से निराश थे।
गणेश भोसले ने खेत में लगाई फांसी
मृतक की पहचान गणेश साहेबराव भोसले के रूप में हुई है। वह सुहागन गांव के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक, रविवार 13 सितंबर को उन्होंने अपने खेत में आखाड़े के पास एक पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्णा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया।
जेब से मिला सुसाइड नोट
पुलिस को गणेश भोसले की जेब से एक चिट्ठी मिली है। पुलिस के अनुसार, चिट्ठी में मराठा आरक्षण का अब तक समाधान नहीं निकलने और मनोज जरांगे पाटील के अनशन पर होने का जिक्र किया गया है। चिट्ठी में इसी मुद्दे को लेकर आत्महत्या करने की बात कही गई है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
मामले में मृतक के बहनोई विनोद देवरे की शिकायत पर पूर्णा पुलिस थाने में घटना दर्ज की गई है। पुलिस निरीक्षक सचिन बेंद्रे के मार्गदर्शन में मामले की जांच की जा रही है।
गणेश भोसले अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। सोमवार 14 सितंबर को सुहागन गांव में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों और मराठा समाज में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों और मराठा समाज के लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि मराठा आरक्षण का समाधान होने से पहले सरकार और कितनी जानें जाने देगी।
गणेश भोसले की मौत के बाद इलाके में शोक के साथ सरकार के प्रति भी आक्रोश है। ठाकरे गुट के विधायक राहुल पाटिल और शिंदे गुट के सांसद संजय जाधव ने भोसले परिवार से मुलाकात कर परिजनों को सांत्वना दी।
18वें दिन भी जारी जरांगे पाटील का अनशन
इस बीच मनोज जरांगे पाटील जालना जिले के अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर रवाना होने वाले हैं। उनकी भूख हड़ताल का 18वां दिन है। उनके साथ कुछ समर्थकों के भी मुंबई जाने की बात कही जा रही है।
मुंबई यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किया है। जरांगे पाटील की सुरक्षा और यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
मुंबई यात्रा के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त
बताया गया है कि पुलिस बंदोबस्त में 3 उपविभागीय पुलिस अधिकारी, 10 पुलिस निरीक्षक, 30 पुलिस उपनिरीक्षक, 200 सहायक पुलिस उपनिरीक्षक, 490 पुलिसकर्मी, 265 होमगार्ड और एसआरपीएफ की 3 टुकड़ियां शामिल होंगी।
पुलिस प्रशासन ने रास्ता रोको, आंदोलन या किसी अन्य अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती इंतजाम किए हैं।
मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति पर भी विवाद
मनोज जरांगे पाटील के मुंबई में विरोध प्रदर्शन को लेकर अनुमति का मुद्दा भी सामने आया है। मुंबई पुलिस ने एक बार फिर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अनुमति नहीं मिलने के बाद जरांगे पाटील की ओर से तीसरी बार आवेदन किया गया है।
आवेदन में 50 लोगों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति मांगी गई है। साथ ही कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान सभी नियमों और शर्तों का पालन किया जाएगा और निर्धारित समय के भीतर प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
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