महापारेषण के अभियंता एआई का प्रभावी इस्तेमाल करें : विक्रम कुमार

राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर बदलती तकनीक के साथ कौशल विकास पर जोर

रीमा सिंह

मुंबई, 15 सितंबर।

महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी (महापारेषण) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विक्रम कुमार ने अभियंताओं से बदलती तकनीक के साथ अपने कौशल को लगातार विकसित करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या को तार्किक दृष्टिकोण से समझकर उसका उचित समाधान खोजने की क्षमता अभियंताओं में होनी चाहिए।

भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती के अवसर पर बांद्रा स्थित प्रकाशगंगा भवन में राष्ट्रीय अभियंता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विक्रम कुमार ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और अभियंताओं को एआई को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए।

Advertisement

एआई से बढ़ाएं कार्यक्षमता

विक्रम कुमार ने कहा कि महापारेषण का आईपीओ जल्द आने वाला है। ऐसे में अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों को कंपनी के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए टीम भावना के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल दैनिक कार्यों में सोच-समझकर किया जाना चाहिए। दुनिया में एआई के कारण रोजगार के स्वरूप में बदलाव हो रहा है, इसलिए इसके माध्यम से अपनी कार्यक्षमता और विशेषज्ञता बढ़ाने की जरूरत है।

पारेषण क्षेत्र में महापारेषण देश में अग्रणी

उन्होंने कहा कि पारेषण क्षेत्र में महापारेषण देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। महाराष्ट्र की इस उपलब्धि को और ऊंचाई तक ले जाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को एकजुट होकर काम करना होगा।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी एवं कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) सुचिता भिकाने ने बताया कि महापारेषण के पास 741 से अधिक उपकेंद्र, 52 हजार किलोमीटर से अधिक का पारेषण नेटवर्क, 1.38 लाख एमवीए से अधिक ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता और 98 हजार से अधिक ट्रांसमिशन टावर हैं। उन्होंने कहा कि टीम भावना के कारण कंपनी को टीबीसीबी के चार प्रोजेक्ट प्रतिस्पर्धा के जरिए हासिल करने में सफलता मिली है।

नई तकनीकों के अनुरूप कौशल जरूरी

भिकाने ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल उपकेंद्र, ड्रोन तकनीक, एआई, डेटा विश्लेषण और साइबर सुरक्षा के कारण अभियंताओं की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है। ऐसे में बदलते तकनीकी वातावरण के अनुरूप प्रत्येक अभियंता को लगातार नया ज्ञान और कौशल हासिल करना जरूरी है।

कार्यक्रम की शुरुआत सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विभिन्न अभियंताओं का सम्मान किया गया और प्रकाशगंगा परिसर में पौधारोपण भी किया गया। अभियंताओं द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत शोधपत्रों का प्रस्तुतिकरण भी हुआ।

कार्यक्रम में महापारेषण के निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। महाराष्ट्र के विभिन्न परिमंडलों से मुख्य अभियंता और अधीक्षक अभियंता सहित करीब 175 अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh