महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और मझगांव डॉकयार्ड के बीच समझौता, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- परियोजना में वॉरशिप भी तैयार की जाएंगी
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 सितंबर।
महाराष्ट्र में समुद्री क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और मझगांव डॉकयार्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इसके तहत दिघी में देश का सबसे बड़ा पोर्ट तैयार करने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, करीब 27 हजार करोड़ रुपये की यह परियोजना देश की बड़ी परियोजनाओं में शामिल होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के तहत वॉरशिप भी तैयार की जाएंगी। इससे करीब 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 75 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
तीन साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मैरीटाइम विजन दिया था। इसके बाद देश में बनने वाले जहाजों के निर्माण से जुड़े करीब 40 प्रतिशत काम महाराष्ट्र में हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, काम शुरू होने के बाद दिघी पोर्ट से जुड़ी यह परियोजना करीब तीन वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य है।
25 प्रतिशत योजनाओं की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार अपनी करीब 25 प्रतिशत महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा करेगी। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि जिन लोगों को ध्यान में रखकर योजनाएं शुरू की गई हैं, उन्हें वास्तव में उनका लाभ मिल रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि योजनाओं की समीक्षा का उद्देश्य यह देखना है कि उनका लाभ लक्षित लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
चीनी कारखानों को 750 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन
मुख्यमंत्री ने बताया कि चीनी कारखानों को 750 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन देने का निर्णय लिया गया है। इस कर्ज पर लगने वाला ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी।
उन्होंने कहा कि एफआरपी भुगतान के मामले में महाराष्ट्र देश में सबसे ज्यादा भुगतान करने वाला राज्य है।
जरांगे पाटील के आंदोलन पर क्या बोले फडणवीस?
मनोज जरांगे पाटील के मुंबई आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस ने आंदोलन की अनुमति देने से इनकार किया है। दोबारा आवेदन किया गया है और उस पर नियमों के आधार पर फैसला लिया जाएगा।
फडणवीस ने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और पुणे में बड़े पैमाने पर भीड़ रहती है। सरकार ने कई मांगें पहले ही मान ली हैं, जबकि कुछ मुद्दे अदालत में विचाराधीन हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन करना है या नहीं, इस पर संबंधित लोगों को फैसला लेना चाहिए।
सीईटी मामले में एसआईटी करेगी जांच
सीईटी मामले पर फडणवीस ने कहा कि इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एमपीएससी परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में अधिकारी ने जो कहा था, उसका अलग अर्थ निकाला गया। ऑनलाइन परीक्षा होगी या नहीं, इस संबंध में स्थिति स्पष्ट है।
किसानों के नुकसान पर सरकार की नजर
बारिश से किसानों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले से बारिश की स्थिति को लेकर प्रस्तुतीकरण लिया गया है। जहां कमी या संकट की स्थिति है, वहां तैयारी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के नियमों के अनुसार 5 अक्टूबर तक सर्वेक्षण किया जा सकता है, लेकिन सरकार तब तक इंतजार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जाएगा।
दिशा सालियान मामले में सीबीआई करेगी आगे की कार्रवाई
दिशा सालियान मामले पर फडणवीस ने कहा कि केस सीबीआई को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने फिलहाल इस मामले की एफआईआर नहीं देखी है, इसलिए एफआईआर देखने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आगे क्या कार्रवाई करनी है, इसका फैसला सीबीआई करेगी।
अमित शाह के मराठी भाषा वाले बयान पर सफाई
अमित शाह के मराठी भाषा को लेकर दिए गए बयान पर फडणवीस ने कहा कि अगर उनका पूरा भाषण सुना जाता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उनके मुताबिक, अमित शाह ने मराठी भाषा को महाराष्ट्र का गौरव बताया था और यह भी कहा था कि महाराष्ट्र में कई भाषाएं बोली जाती हैं।
फडणवीस ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि मराठी का गौरव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनिंदा बातें सुनकर उसकी आलोचना करते हैं। उनके मुताबिक, पूरा भाषण सुनने पर शायद ऐसी आलोचना की जरूरत नहीं पड़ती।
प्रियंका गांधी पर भी बोले फडणवीस
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कांग्रेस पार्टी का महासचिव बने करीब 1000 दिन हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें काम करने का मौका दिया जाना चाहिए और उसके बाद उनके काम के आधार पर फैसला किया जाना चाहिए।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।