मुंबई की कंपनी के 13 कंटेनरों में आया था माल, दस्तावेजों में UAE को बताया गया मूल देश; नासिक के अंबड में कार्रवाई के बाद ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क की जांच शुरू
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 सितंबर।
महाराष्ट्र में राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने 362 मीट्रिक टन से ज्यादा सूखे खजूर जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह खेप पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से भेजी गई थी, लेकिन आयात दस्तावेजों में इसके मूल देश के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का उल्लेख किया गया था। डीआरआई ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत की है।
13 कंटेनरों में भारत पहुंचा था माल
डीआरआई ने मुंबई की एक कंपनी द्वारा आयात किए गए 13 कंटेनरों को नासिक के अंबड स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर रोका। इन कंटेनरों से संबंधित आयात दस्तावेजों में खजूर का मूल देश यूएई बताया गया था।
हालांकि, डीआरआई की शुरुआती जांच में पता चला कि खजूर वास्तव में पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से भेजे गए थे। इसके बाद कथित तौर पर इन्हें यूएई के जेबेल अली बंदरगाह के रास्ते भारत भेजा गया।
जेबेल अली में बदले गए कंटेनर
एजेंसी के मुताबिक, जेबेल अली में कथित तौर पर कंटेनरों को बदला गया और इसके बाद दूसरे जहाज के जरिए माल भारत भेजा गया। डीआरआई को संदेह है कि यह खेप ऐसे ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जिसे कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ी संस्थाओं के जरिए संचालित किया जा रहा था।
जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि माल की वास्तविक उत्पत्ति छिपाने और आयात दस्तावेजों में अलग देश का नाम दर्ज करने के पीछे किस नेटवर्क की भूमिका थी।
‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत कार्रवाई
डीआरआई ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत की है। इस अभियान के तहत एजेंसी तीसरे देशों के जरिए पाकिस्तान मूल के सामान को भारत लाने की कथित कोशिशों पर नजर रख रही है।
जांच का फोकस माल की वास्तविक उत्पत्ति, ट्रांसशिपमेंट की प्रक्रिया और आयात से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेरफेर की कड़ियों को जोड़ने पर है।
पाकिस्तान से सामान के आयात पर प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने 2 मई 2025 से पाकिस्तान से सामान के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध पहलगाम आतंकी हमले के बाद लगाया गया था।
डीआरआई ने कहा है कि वह ऐसे नेटवर्क पर करीबी नजर रख रही है, जिन पर सामान की गलत घोषणा, तीसरे देशों के जरिए ट्रांसशिपमेंट और आयात दस्तावेजों में हेरफेर करने का संदेह है। 362 मीट्रिक टन से ज्यादा सूखे खजूर की इस खेप की जांच इसी कार्रवाई का हिस्सा है।
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