MPSC की पारदर्शिता पर रोज उठ रहे सवाल : मेहबूब शेख

रीमा सिंह

मुंबई , 17 सितंबर।

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता मेहबूब शेख ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य आबकारी विभाग की परीक्षा में कथित तौर पर अंकांकन पैटर्न लीक होने का मुद्दा उठाते हुए आयोग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।

आबकारी विभाग की परीक्षा का पैटर्न लीक होने का दावा

मेहबूब शेख ने दावा किया कि राज्य आबकारी विभाग में द्वितीय निरीक्षक पद के लिए आयोजित परीक्षा का अंकांकन पैटर्न लीक हुआ था। उनके अनुसार, MPSC ने भी पैटर्न लीक होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नवी मुंबई पुलिस की ओर से सरकार को रिपोर्ट भेजे जाने की खबर है।

Advertisement

करीब 900 अभ्यर्थियों की परीक्षा, व्हॉट्सऐप पर पैटर्न लीक का आरोप

शेख के मुताबिक, राज्य आबकारी विभाग की इस परीक्षा में करीब 900 विद्यार्थी शामिल हुए थे और परीक्षा का पैटर्न कथित तौर पर व्हॉट्सऐप के जरिए लीक हुआ। उन्होंने कहा कि इस संबंध में MPSC के पास शिकायत भी की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पैटर्न लीक हुआ था, तो इसे लीक करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।

परीक्षा परिणाम को लेकर भी उठाए सवाल

मेहबूब शेख ने एक अभ्यर्थी के परीक्षा परिणाम का उल्लेख करते हुए कहा कि एक छात्रा को पहले पेपर में 81 और दूसरे पेपर में 45 अंक मिले। शेख ने इन अंकों को अन्य उम्मीदवारों के परिणामों की तुलना में संदिग्ध बताया। हालांकि, इन अंकों के पीछे के कारणों को लेकर किसी आधिकारिक जांच या निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।

‘सेटिंग’ के आरोप, व्हॉट्सऐप बातचीत का किया उल्लेख

मेहबूब शेख ने MPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए व्हॉट्सऐप ग्रुप में हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि एक विद्यार्थी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ‘अमित सर’ की मदद से वह PSI बना। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मैदानी परीक्षा के दौरान कुछ विद्यार्थियों को तीन बार अवसर दिया गया। शेख ने कहा कि कथित तौर पर ‘सेटिंग’ के जरिए परीक्षा पास करने वाले कुछ विद्यार्थी आज सरकारी नौकरी कर रहे हैं।

मनोज जरांगे के उपोषण पर सरकार से सवाल

मनोज जरांगे के उपोषण को लेकर पूछे गए सवाल पर मेहबूब शेख ने कहा कि सरकार इससे पहले नौ-दस बार उपोषण खत्म करा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। शेख ने आरोप लगाया कि उपोषण समाप्त कराते समय सरकार एक बात कहती है और बाद में अलग रुख अपनाती है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक दो समाजों को आमने-सामने लाया जाएगा।

ऑनलाइन भुगतान शुल्क और GST पर भी निशाना

मेहबूब शेख ने ऑनलाइन भुगतान पर शुल्क और GST लगाए जाने के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और बाद में उसी भुगतान पर शुल्क तथा GST लगाया जाता है। उन्होंने इसे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम बताया।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh