‘नो नेटवर्क’ क्षेत्रों को नल कनेक्शन देने में मिलेगी प्राथमिकता, सातारा-देवलाई और गुंठेवारी के नागरिकों को बड़ी राहत की उम्मीद
राहुल गुप्ता
छत्रपति संभाजीनगर, 19 सितंबर।
छत्रपति संभाजीनगर शहर की 2,740 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। नई योजना के तहत शहर में 2 लाख 32 हजार अधिकृत नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना की खास बात यह है कि पिछले दस वर्षों से जिन इलाकों में जलवाहिनी का नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है, उन ‘नो नेटवर्क’ क्षेत्रों को नल कनेक्शन देने में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे सातारा-देवलाई और गुंठेवारी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
90 हजार कनेक्शन ठेकेदार देगा
नई जलापूर्ति योजना के तहत निर्धारित 2 लाख 32 हजार कनेक्शनों में से 90 हजार कनेक्शन देने की जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी जेवीपीआर को दी गई है। इनमें से करीब 45 हजार कनेक्शन अब तक दिए जा चुके हैं।
शेष 1 लाख 42 हजार कनेक्शन मनपा की ओर से दिए जाएंगे। इसके लिए मनपा ने कनेक्शन देने की कार्यप्रणाली भी तैयार कर ली है।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि योजना में कुल 2 लाख 32 हजार नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। ठेकेदार के हिस्से के 90 हजार कनेक्शनों में से करीब 45 हजार कनेक्शन पूरे हो चुके हैं।
सातारा-देवलाई में आवेदन वितरण शुरू
सातारा-देवलाई क्षेत्र के चार जलकुंभों में आने वाले दिनों में पानी पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके मद्देनजर नागरिकों को नल कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कनेक्शन के लिए नागरिकों को आवेदन वितरित किए जा रहे हैं। जलापूर्ति शुरू होने के साथ ही इस क्षेत्र में कनेक्शन देने का काम आगे बढ़ाया जाएगा।
1,900 किलोमीटर में से 1,200 किलोमीटर पाइपलाइन पूरी
नई जलापूर्ति योजना के तहत शहर में कुल 1,900 किलोमीटर जलवाहिनी बिछाई जा रही है। इसमें करीब 1,200 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 700 किलोमीटर का काम अभी बाकी है।
शेष जलवाहिनी का बड़ा हिस्सा उन इलाकों में है, जहां अभी तक जलापूर्ति का नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है। ऐसे क्षेत्रों को योजना में प्राथमिकता दी जा रही है।
1.07 लाख संपत्तियों में अधिकृत कनेक्शन का अभाव
मनपा के अभिलेखों के अनुसार, शहर में कुल 2 लाख 37 हजार संपत्तियां दर्ज हैं। इसके मुकाबले अधिकृत नल कनेक्शनों की संख्या करीब 1 लाख 30 हजार है।
इस तरह संपत्तियों की संख्या की तुलना में करीब 1 लाख 7 हजार अधिकृत नल कनेक्शन कम हैं। ऐसे में शेष संपत्तियों तक पानी किस माध्यम से पहुंच रहा है और अवैध नल कनेक्शनों की संख्या कितनी है, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
नई जलापूर्ति योजना पूरी होने के बाद अधिकृत नल कनेक्शनों की संख्या बढ़ने और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।
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