22 वर्षीय बीटेक छात्र की मौत के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया, परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल के कुछ घंटे बाद हॉस्टल में मिला था शव
राहुल गुप्ता
मुंबई, 20 सितंबर।
आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल रवींद्र वाकोड़े की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने जातिगत भेदभाव और संस्थागत उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र थे और शुक्रवार शाम पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे।
माता-पिता ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
साहिल की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की गई और उसे प्रताड़ित किया गया। उन्होंने मामले में न्याय की मांग की है।
डीसीपी दत्त नलावड़े ने बताया कि साहिल के पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में जिन लोगों के नाम दिए गए हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।
परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल के कुछ घंटे बाद हुई मौत
साहिल की मौत परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद हुई थी। आईआईटी बॉम्बे के मुताबिक, साहिल ने जवाब हासिल करने के लिए प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड किया था।
संस्थान ने कहा कि साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उनसे बात की, उन्हें समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उनके अकादमिक करियर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गए थे।
मौत के बाद कैंपस में हुआ विरोध प्रदर्शन
साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल के बाद साहिल को निलंबन की धमकी दी गई थी।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे के इस्तीफे की भी मांग की। हालांकि, संस्थान ने निलंबन की धमकी दिए जाने के आरोप से इनकार किया है और दोहराया कि साहिल को बताया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उनके अकादमिक करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पुलिस और संस्थान की जांच जारी
पुलिस अब साहिल के माता-पिता की शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
आईआईटी बॉम्बे ने कहा है कि वह साहिल के दोस्तों, सहपाठियों, फैकल्टी सदस्यों और उनकी मौत से प्रभावित अन्य लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है। संस्थान के मुताबिक, मौत से जुड़ी परिस्थितियों की उचित अधिकारी जांच कर रहे हैं।
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