हिंगोली में किसानों का अनोखा विरोध, कृषि मंत्री को काजू-बादाम देकर बोले- पहले जिले को सूखाग्रस्त घोषित कीजिए

सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के सामने किसानों ने जताई नाराजगी, फसलों के नुकसान के लिए मुआवजे और राहत की मांग की

राहुल गुप्ता
हिंगोली, 20 सितंबर।

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे को किसानों ने अनोखे अंदाज में काजू और बादाम भेंट किए। किसानों ने मंत्री से कहा, “काजू-बादाम खाइए, लेकिन हिंगोली जिले को सूखाग्रस्त घोषित कीजिए।” किसानों के इस विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

किसानों ने काजू-बादाम देकर जताया विरोध

दरअसल, हिंगोली में सूखे की स्थिति की समीक्षा के दौरान किसानों ने कृषि मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना है कि बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है और अब जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।

किसानों ने काजू-बादाम भेंट कर सरकार के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि जब किसान संकट में हैं तो उन्हें राहत की जरूरत है।

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नांदेड़ की बैठक में ड्राई फ्रूट्स को लेकर हुआ था विवाद

यह विरोध उस विवाद के बाद सामने आया, जब नांदेड़ में सूखे की स्थिति को लेकर हुई सरकारी समीक्षा बैठक का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में बैठक के दौरान नेताओं और जनप्रतिनिधियों के सामने काजू-बादाम जैसे सूखे मेवे रखे दिखाई दिए थे।

इसको लेकर विपक्ष और किसानों ने सरकार पर निशाना साधा था। उनका कहना था कि एक तरफ किसान सूखे और फसल नुकसान से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ समीक्षा बैठक में ड्राई फ्रूट्स परोसे जा रहे हैं।

हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

किसानों ने कृषि मंत्री के सामने जिले में सूखे की स्थिति, फसल नुकसान और आर्थिक परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ किसानों को मुआवजा देने की मांग की।

इसके अलावा किसानों ने शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना को रद्द करने की मांग भी मंत्री के सामने रखी।

बैठक में मौजूद नेताओं पर उठे सवाल

नांदेड़ में हुई समीक्षा बैठक में जिला संरक्षक मंत्री अतुल सावे, मंत्री मेघना बोरडीकर, सांसद और विधायक समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई थी।

बैठक में ड्राई फ्रूट्स परोसे जाने का वीडियो सामने आने के बाद किसानों और विपक्षी नेताओं ने इसे लेकर सरकार की आलोचना की थी। बाद में अधिकारियों ने बैठक स्थल से प्लेटें हटा दी थीं।

काजू-बादाम को लेकर सांसद की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद जब नांदेड़ से सांसद संजय जाधव से काजू-बादाम पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 50 से 100 रुपये के बादाम को लेकर इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूखे के दौरान भी लोग खाना खाते हैं और इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि हर सांसद और विधायक के सामने काजू-बादाम रखे गए थे और किसी के खाने से इतना बड़ा विवाद नहीं होना चाहिए।

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