मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में समीक्षा के निर्देश दिए, कहा- एनडीआरएफ की मदद का इंतजार किए बिना किसानों को तत्काल राहत देगी सरकार
राहुल गुप्ता
मुंबई, 20 सितंबर।
महाराष्ट्र में कम बारिश के चलते कई इलाकों में बने सूखे जैसे हालात को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक आकलन पूरा करेगी, ताकि किसानों को राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष यानी एनडीआरएफ की सहायता का इंतजार किए बिना तत्काल राहत दी जा सके।
फडणवीस ने कैबिनेट मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में जाकर प्रारंभिक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक समीक्षा पूरी होने के बाद फसलों के नुकसान का पंचनामा किया जाएगा।
किसानों को पानी और चारे की मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों के लिए जरूरी आपातकालीन सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। इनमें पीने का पानी और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना शामिल है।
उन्होंने बताया कि कर्जमाफी योजना के तहत तीन सूचियां पूरी हो चुकी हैं और बाकी सूचियों को भी जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए पहले ही चारा विकास कार्यक्रम शुरू कर दिया था। चारे की खेती भी की जा रही है। इसके अलावा जिन गांवों में कुओं में पानी उपलब्ध है, वहां खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसानों को शाम के समय सिंचाई के लिए अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
5 अक्टूबर से शुरू होगा आधिकारिक सर्वे
विपक्ष की ओर से औपचारिक रूप से सूखा घोषित करने की मांग के बीच फडणवीस ने कहा कि सरकार तय प्रक्रिया के अनुसार काम कर रही है। उनके मुताबिक, एनडीआरएफ से सहायता का दावा करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
फडणवीस ने कहा कि केंद्र से सहायता लेने के लिए जरूरी आधिकारिक फसल नुकसान का सर्वे 5 अक्टूबर से पहले नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार तब तक प्रारंभिक आकलन और राहत की तैयारियां पूरी करेगी, ताकि निर्धारित प्रक्रिया शुरू होते ही पंचनामा कर केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल राज्य सरकार किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराएगी और बाद में एनडीआरएफ से मदद मांगी जाएगी।
विपक्ष से राजनीति से ऊपर उठकर मदद की अपील
फडणवीस ने विपक्ष से किसानों की परेशानी के समय राजनीति से ऊपर उठकर सरकार के साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब किसान संकट में हों तो सभी को मिलकर उनकी मदद करनी चाहिए।
महाराष्ट्र में कम बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। राज्य कैबिनेट के सामने रखी गई जानकारी के अनुसार, 36 में से 20 जिलों में सामान्य से कम से कम 20 फीसदी बारिश दर्ज की गई है और कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश का अंतर रहा है।
नांदेड के ड्राई फ्रूट्स वाले वीडियो पर भी बोले फडणवीस
नांदेड में सूखा समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के ड्राई फ्रूट्स खाते हुए वीडियो वायरल होने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकारी बैठकों में आमतौर पर ड्राई फ्रूट्स परोसे जाते हैं, लेकिन सूखे से जुड़ी समीक्षा बैठकों में ऐसी चीजों से बचना चाहिए।
फडणवीस ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि किसी ने जानबूझकर सूखे के समय ऐसा किया, लेकिन प्रशासन को इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
बड़े बांधों में पर्याप्त पानी, मराठवाड़ा के छोटे जलाशयों पर चिंता
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के बड़े बांधों में फिलहाल पर्याप्त जल भंडार मौजूद है, हालांकि मराठवाड़ा के छोटे जलाशयों की स्थिति अलग है।
उन्होंने कहा कि आगे बारिश का पूर्वानुमान आने तक बड़े बांधों के पानी का इस्तेमाल केवल पीने के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रारंभिक आकलन और राहत उपायों के जरिए प्रभावित किसानों तक तत्काल मदद पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
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