एनसीपी नेता ने कहा- छात्रों ने सस्ती राजनीति को खारिज किया, परीक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे उनके लिए ज्यादा अहम
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 20 सितंबर।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी डूसू चुनाव में एबीवीपी की जीत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने चुनाव परिणाम को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जेनजी को अपने भविष्य से मतलब है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने उन मुद्दों को प्राथमिकता दी, जो सीधे उनके भविष्य से जुड़े हैं और सस्ती राजनीति को खारिज किया है।
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए एक तरह का अप्रत्यक्ष राजनीतिक मंच रहा है। यहां एनएसयूआई, एबीवीपी और कम्युनिस्ट संगठनों से जुड़े छात्र चुनाव लड़ते हैं। ऐसे में छात्रों ने जिन्हें अपने प्रतिनिधि के तौर पर चुना है, उससे यह संकेत मिलता है कि वे दूसरे राजनीतिक मुद्दों के बजाय अपने भविष्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देते हैं।
बिना नाम लिए राहुल गांधी पर साधा निशाना
प्रफुल्ल पटेल ने सीधे तौर पर राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बात की थी।
पटेल ने कहा कि छात्रों की परीक्षा से जुड़ा एक मुद्दा सरकार के संज्ञान में आया था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता का असर छात्रों और उनके अभिभावकों पर पड़ता है और इससे उनके भविष्य पर भी प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। पटेल के मुताबिक, डूसू चुनाव के परिणाम से यह संदेश मिलता है कि जेनजी को सस्ती राजनीति के बजाय अपने भविष्य की चिंता है।
सरकार की नीतियों में युवा केंद्र में होने का दावा
बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने भी डूसू चुनाव के नतीजों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों में छात्र और युवा हमेशा केंद्र में रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हाल में हुए विरोध-प्रदर्शनों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से छात्रों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दी जाती रही है और डूसू चुनाव के परिणाम में भी इसका असर दिखाई दिया है।
बिहार के मंत्री संजय सिंह ने भी दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का आभार जताया और एबीवीपी को शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस ने जीत के दावे पर उठाए सवाल
वहीं, डूसू चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस चंडीगढ़ के अध्यक्ष एचएस लकी ने भाजपा और एबीवीपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी छोटी जीतों को भी बड़ी जीत के रूप में पेश करती है।
एचएस लकी ने पंजाब यूनिवर्सिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सेक्रेटरी का पद एनएसयूआई समर्थित पैनल के उम्मीदवार ने जीता और उसे सबसे ज्यादा वोट मिले। उन्होंने दिल्ली में उपाध्यक्ष पद पर जीते उम्मीदवार को भी एनएसयूआई का बागी बताया।
लकी ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में गढ़वाल यूनिवर्सिटी और कुछ अन्य विश्वविद्यालयों में हुए चुनावों में भी एनएसयूआई को जीत मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और एबीवीपी उन परिणामों को सामने नहीं रखते, जो उनके राजनीतिक दावों के अनुकूल नहीं होते।
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