ढाई साल बाद क्लिप सामने आने के मकसद का पता लगाएगी जांच एजेंसी, एसआईटी जांच पर संजय राऊत ने उठाए सवाल
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 23 अक्टूबर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मराठा नेता मनोज जरांगे की ओर से मीडिया के सामने लाई गई 500 करोड़ रुपये से संबंधित कथित ऑडियो क्लिप की गहन जांच कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह क्लिप ढाई साल बाद सामने आई है, इसलिए इसके पीछे के मकसद और पूरे घटनाक्रम की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।
ढाई साल बाद क्लिप सामने आने पर सवाल
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस ऑडियो क्लिप के सामने आने के समय और इसके पीछे की संभावित साजिश को लेकर कई सवाल हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्लिप किस उद्देश्य से सामने लाई गई और इसके जरिए किसे निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की मांग खुद मनोज जरांगे ने की है। इसके अलावा भाजपा और शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं ने भी क्लिप की गहन छानबीन की मांग की है। इन मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार मामले की पूरी जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगी।
500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन का मामला
दरअसल, मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने एक पत्रकार वार्ता में 500 करोड़ रुपये से संबंधित कथित ऑडियो क्लिप का जिक्र किया था। इस क्लिप को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे, सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए जाने की चर्चा है।
हालांकि, इस कथित ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
शिंदे गुट के नेताओं ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद शुक्रवार सुबह शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने इस मामले की गहन जांच कराने की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने की बात कही। जांच के जरिए क्लिप की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
एसआईटी जांच पर संजय राऊत का निशाना
मुख्यमंत्री की ओर से विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से जांच कराने की घोषणा के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता संजय राऊत ने इस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच की घोषणा करने भर से सच्चाई सामने नहीं आ जाती।
राऊत ने दावा किया कि मुख्यमंत्री इससे पहले 172 एसआईटी गठित कर जांच की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार कई मामलों में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले में भी एसआईटी जांच की घोषणा के नाम पर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया जा सकता है।
इस मामले में अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं। जांच से ही कथित ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता, उसमें किए गए दावों और इसके सामने आने के पीछे के उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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