मुंबई गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद, बीजेपी विधायक की शर्तों पर सियासत तेज

बोरीवली के गरबा आयोजन में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने तिलक लगाने और देवी की पूजा करने की शर्त रखी, विपक्ष ने धार्मिक आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया

राहुल गुप्ता
मुंबई, 21 सितंबर।

मुंबई में नवरात्रि और गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बोरीवली में होने वाले बड़े गरबा आयोजन को लेकर बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने मुस्लिमों की एंट्री पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवक गरबा में सीधे प्रवेश न लें। यदि कोई शामिल होना चाहता है तो वह अपनी पत्नी, बहन या बेटी के साथ आए, तिलक लगाए और देवी की पूजा करे।

वहीं, पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम तिलक लगाकर आता है तो उसे गरबा में प्रवेश दिया जा सकता है। विश्व हिंदू परिषद ने भी महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों में पहचान सत्यापन की मांग की है।

तिलक और देवी पूजा की शर्त पर गरबा में प्रवेश

बोरीवली में होने वाले गरबा आयोजन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में संजय उपाध्याय ने कहा कि इस बार मुस्लिम समुदाय के युवाओं को सीधे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने गरबा को धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन बताते हुए कहा कि जो मुस्लिम इसमें शामिल होना चाहते हैं, उन्हें तिलक लगाकर देवी की पूजा करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि गरबा ‘लव जिहाद’ की जगह नहीं है।

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पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने इस मुद्दे पर अलग रुख रखते हुए कहा कि तिलक लगाकर आने वाले मुस्लिमों को गरबा में प्रवेश दिया जा सकता है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे की परंपराओं के पालन का उदाहरण भी दिया।

फाल्गुनी पाठक और गीता रबारी करेंगी कार्यक्रम

बोरीवली के इस बड़े गरबा आयोजन में गरबा गायिका फाल्गुनी पाठक और डांडिया गायिका गीता रबारी के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और इसी दौरान मुस्लिमों की एंट्री के नियमों को लेकर विवाद सामने आया है।

विश्व हिंदू परिषद ने भी महाराष्ट्र के गरबा और डांडिया आयोजनों में प्रतिभागियों की पहचान सत्यापित करने की मांग की है। कुछ आयोजनों में आधार कार्ड की जांच जैसी व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है।

विपक्ष ने बीजेपी पर लगाया धार्मिक आधार पर बांटने का आरोप

बीजेपी नेताओं के बयानों के बाद विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और एआईएमआईएम से जुड़े नेताओं ने इन बयानों पर आपत्ति जताई है।

मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहसिन हैदर ने बीजेपी पर हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद पैदा करने का आरोप लगाया है। वहीं, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुस्लिम युवकों और महिलाओं से गरबा में शामिल होने की अपील की है।

एआईएमआईएम ने भी जताया विरोध

एआईएमआईएम की मुंबई महिला विंग की अध्यक्ष एडवोकेट जहांआरा शेख ने बीजेपी नेताओं के बयानों का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से धार्मिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच अलग-अलग त्योहारों में एक-दूसरे के साथ शामिल होने की परंपरा का भी उल्लेख किया।

नवरात्रि शुरू होने से पहले मुंबई में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर बीजेपी और हिंदू संगठनों से जुड़े नेता गरबा की धार्मिक प्रकृति और पहचान सत्यापन की बात कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इन बयानों को धार्मिक आधार पर भेदभाव और सामाजिक तनाव से जोड़कर देख रहे हैं।

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