अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी के साथ आगामी चुनाव में गठबंधन की चर्चा पर प्रकाश आंबेडकर ने कहा- जो अभी राजनीतिक दल के रूप में सामने नहीं आया, उसके साथ क्यों जाएं
राहुल गुप्ता
नागपुर, 22 सितंबर।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की पहल को लेकर देशभर में चर्चा है। महाराष्ट्र में भी युवाओं के बीच इसे लेकर समर्थन की बात सामने आती रही है। हालांकि, दीपके ने अभी तक चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। वह दबाव समूह के तौर पर काम करने की बात कहते रहे हैं।
इसी बीच अभिजीत दीपके और वंचित बहुजन आघाड़ी के बीच संभावित राजनीतिक सहयोग को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। अब वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
क्या बोले प्रकाश आंबेडकर?
प्रकाश आंबेडकर नागपुर में थे, जहां मीडिया ने उनसे आगामी चुनाव में कॉकरोच जनता पार्टी और वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ आने को लेकर सवाल किया।
इस पर आंबेडकर ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे राजनीतिक दलों के साथ जाएगी जो मौजूदा समय में राजनीतिक भूमिका में हैं। उन्होंने सवाल किया कि जो अभी तक राजनीतिक भूमिका स्वीकार नहीं कर रहा है, उसके साथ क्यों जाया जाए।
आंबेडकर के इस बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और वंचित बहुजन आघाड़ी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक संवाद देखने को मिला है। मई 2026 में अभिजीत दीपके को मिली जान से मारने की धमकियों की प्रकाश आंबेडकर ने सार्वजनिक रूप से निंदा की थी और उनके परिवार से भी संपर्क किया था।
अमेरिका के टैरिफ पर भी बोले आंबेडकर
प्रकाश आंबेडकर ने अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए जा रहे टैरिफ को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका पर निर्भर नहीं होना चाहिए और प्रधानमंत्री से ब्रिक्स में हुए फैसलों की जानकारी देश के सामने रखने की मांग की।
उन्होंने चीन से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी ओर से इस विषय को जनता के सामने लाया गया है।
आदिवासी छात्रों के आंदोलन पर सरकार को घेरा
आदिवासी छात्रों के आंदोलन को लेकर भी प्रकाश आंबेडकर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फडणवीस सरकार की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी नीति को लेकर छात्रों ने अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखी थीं।
आंबेडकर के मुताबिक, छात्रों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा था कि बैंक के माध्यम से मिलने वाली राशि को संभालना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की बात नहीं सुनी गई। इसी वजह से उन्होंने कहा कि अब सरकार बदलने का समय आ गया है।
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