साहिल वाकोडे की मौत के चार दिन बाद भी आईआईटी बॉम्बे में विरोध जारी, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई; एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश
राहुल गुप्ता
मुंबई, 23 सितंबर।
आईआईटी बॉम्बे के सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के चार दिन बाद भी संस्थान में विरोध और हंगामा जारी है। मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने 10 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी गठित की है। कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्व अधिकारी को भी शामिल किया गया है।
बोर्ड ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से हटा दिया है। इससे पहले आईआईटी बॉम्बे ने दुल्ला को डीन के पद से तत्काल प्रभाव से हटाने की जानकारी दी थी। छात्रों की मांगों और मामले की जांच के बीच संस्थान ने यह कदम उठाया है।
कौन हैं कमेटी के अध्यक्ष?
कमेटी की अध्यक्षता आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे। कमेटी में आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर के. नारायणन, प्रोफेसर संदीप कुमार साहा और प्रोफेसर दीप्ति कालसी को भी शामिल किया गया है।
कमेटी में तीन छात्र प्रतिनिधि भी हैं। इनमें हॉस्टल अफेयर्स के जनरल सेक्रेटरी आदित्य जोशी, स्टूडेंट मेंटर प्रोग्राम के ओवरऑल कोऑर्डिनेटर देव अरोड़ा और रिसर्च स्कॉलर देवी लाल शामिल हैं। इसके अलावा एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी समेत अन्य सदस्य भी कमेटी का हिस्सा हैं।
कमेटी को साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम और संस्थान में सामने आए आरोपों के सभी पहलुओं की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
प्रोफेसर दुल्ला को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से हटाया गया
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का नाम पुलिस में दर्ज मामले में सामने आया है। साहिल के माता-पिता ने उन पर जातीय भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, दुल्ला को फिलहाल डीन के प्रशासनिक पद से हटाया गया है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी। वहीं, छात्रों के एक वर्ग ने दुल्ला को केवल प्रशासनिक पद से हटाने के बजाय प्रोफेसर के पद से भी निलंबित करने की मांग की थी।
क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान परीक्षा कक्ष की सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस परीक्षा के समय मौजूद छात्रों के बयान भी दर्ज कर रही है।
छात्रों की कई मांगों पर चर्चा
साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने 18 सूत्री मांगों का चार्टर प्रशासन के सामने रखा था। इनमें स्वतंत्र जांच, छात्र कल्याण व्यवस्था में सुधार, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना और कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करना जैसी मांगें शामिल थीं।
छात्रों ने कैंपस में 24 घंटे मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध कराने और संस्थान की जवाबदेही बढ़ाने की मांग भी रखी थी। प्रशासन ने छात्रों के साथ बातचीत के बाद इन मांगों पर आगे प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग
मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस की ओर से साहिल वाकोडे की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की जा रही है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा गया है कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता अंबेडकर के भी आईआईटी बॉम्बे पहुंचकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल मामले की पुलिस जांच और आईआईटी बॉम्बे की हाई-लेवल कमेटी की जांच दोनों जारी हैं। कमेटी की रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही साहिल की मौत से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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