किसानों का 7/12 खाता पूरी तरह कोरा करने के वादे का क्या हुआ? : अतुल लोंढे

मुंबई, 23 सितंबर।

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से किसानों को सरकार के कामकाज और राहत उपायों के बारे में जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति बनी हुई है और किसान सरकार से सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

7/12 खाता कोरा करने के वादे पर सवाल

अतुल लोंढे ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से किसानों का 7/12 पूरी तरह कोरा करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि उस आश्वासन का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों के खेतों तक पहुंचे हैं, लेकिन अब उन्हें किसानों के सामने सरकार के वादों और अब तक किए गए कार्यों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

1972 के सूखे का दिया उदाहरण

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मुख्यमंत्री के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए लोंढे ने कहा कि 1972 के भीषण सूखे से तत्कालीन सरकार ने सबक लिया था। उनके अनुसार, इसी दौर के बाद रोजगार गारंटी योजना को गति मिली, जिसे बाद में केंद्र स्तर पर मनरेगा के रूप में लागू किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा के लिए उपलब्ध धनराशि में कटौती की है और योजना को कमजोर करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

जल प्रबंधन और किसान राहत पर सवाल

लोंढे ने राज्य में पहले भी आए सूखे और अतिवृष्टि का उल्लेख करते हुए सरकार से पूछा कि प्रभावित किसानों तक कितनी सहायता पहुंची। उन्होंने 2014 में घोषित 49 हजार करोड़ रुपये के वॉटर ग्रिड प्रोजेक्ट की प्रगति पर भी सवाल उठाया। साथ ही उन्होंने पूछा कि भविष्य में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार के पास कौन-सी ठोस योजनाएं हैं।

फलोत्पादन और फूड प्रोसेसिंग का उल्लेख

कांग्रेस के शासनकाल की योजनाओं का उल्लेख करते हुए लोंढे ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार के कार्यकाल में कम पानी में टिकने वाली फलोत्पादन योजना को बढ़ावा दिया गया, जिससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को भी गति मिली। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के करीब 12 वर्ष के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र के लिए इस स्तर पर कोई नई पहल दिखाई नहीं देती।

लोंढे ने कहा कि मुख्यमंत्री के खेतों तक पहुंचने से किसानों की वास्तविक समस्याएं सामने आएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी और किसानों को राहत देने के लिए प्रभावी योजनाएं लागू करेगी।

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