चुनाव आयोग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट के बाद शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की भी मांग की
राहुल गुप्ता
मुंबई, 23 सितंबर।
चुनाव आयोग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की ओर से उठाई गई चिंताओं की अब पुष्टि हुई है और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने भविष्य के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से कराने की भी मांग रखी।
उद्धव ठाकरे ने लगाए गंभीर आरोप
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से विपक्षी दल चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों का हवाला देते हुए कहा कि इससे विपक्ष की चिंताओं को बल मिला है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता डेटा के प्रबंधन जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज की जांच कराने की भी मांग रखी।
उद्धव ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि अगर मतदाता सूची से जुड़े कथित विवाद के पीछे कोई बड़ा सूत्रधार है, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। उनके बयानों में केंद्रीय गृह मंत्री का भी जिक्र आया, लेकिन ये उद्धव ठाकरे द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
महाराष्ट्र, बंगाल और तमिलनाडु में दोबारा चुनाव की मांग
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हाल में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में दोबारा चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नवंबर 2024 में हुए थे, जबकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव हुए थे।
भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग
उद्धव ठाकरे ने भविष्य में होने वाले सभी चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग भी की। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर कहा है कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां किसी भी संस्थान में निर्णय लेने की प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने कहा कि पिछले एक साल में उसके सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
इस पूरे विवाद के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।