मुंबई क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज जोड़कर तैयार कर रही पूरी टाइमलाइन; प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला से जल्द हो सकती है पूछताछ
राहुल गुप्ता
मुंबई, 24 सितंबर। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अलग-अलग फुटेज को जोड़कर उस दिन की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है। इसी बीच आईआईटी बॉम्बे में हॉस्टल व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की जानकारी सामने आई है। संस्थान सभी वर्ष के छात्रों को हॉस्टल के कमरों में दो-दो रखने की योजना बना रहा है।
क्या बदलने वाली है हॉस्टल की व्यवस्था?
जानकारी के मुताबिक, अभी आईआईटी बॉम्बे में आमतौर पर पहले वर्ष के छात्रों को एक कमरे में दो-दो रखा जाता है। इसके बाद छात्रों को अलग-अलग कमरे दिए जाते हैं। अब संस्थान सभी वर्ष के छात्रों को दो-दो के समूह में एक कमरे में रखने की व्यवस्था पर विचार कर रहा है।
आगे बनने वाले नए हॉस्टल भी इसी व्यवस्था के अनुरूप तैयार किए जाने की योजना है। साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और अकेलेपन को लेकर उठी चिंताओं के बीच इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई है।
ओपन हाउस में छात्रों के साथ हुई चर्चा
सोमवार को आयोजित ओपन हाउस में आईआईटी बॉम्बे के निदेशक और छात्रों के बीच हॉस्टल व्यवस्था, मानसिक स्वास्थ्य और छात्रों को मिलने वाली सहायता को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद छह हॉस्टल और वेलनेस सेंटर में काउंसलिंग की सुविधा का समय बढ़ाया गया है।
जरूरत पड़ने पर छात्र संस्थान के बाहर से भी काउंसलिंग ले सकेंगे और उसका खर्च आईआईटी बॉम्बे उठाएगा। संस्थान शिक्षकों और विशेषज्ञों से चर्चा कर ऐसे अन्य कदमों पर भी विचार कर रहा है, जिन्हें तत्काल लागू किया जा सके।
प्रोफेसर दुल्ला से हो सकती है पूछताछ
साहिल वाकोडे के माता-पिता का बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है। परिजनों ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर साहिल को परेशान करने का आरोप लगाया है। ऐसे में मुंबई क्राइम ब्रांच प्रोफेसर दुल्ला से पूछताछ कर सकती है।
प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को आईआईटी बॉम्बे पहले ही छुट्टी पर भेज चुका है। संस्थान ने मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है।
10 सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच
आईआईटी बॉम्बे ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।
जांच समिति छात्रों से भी बातचीत करेगी और प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का पक्ष भी सुनेगी।
प्रोफेसर दुल्ला के समर्थन में भी आवाजें
इस बीच कई फैकल्टी सदस्यों और पूर्व शिक्षकों ने प्रोफेसर दुल्ला का समर्थन किया है। उनका कहना है कि मामले में प्रोफेसर दुल्ला की कोई गलती नहीं है। उन्होंने मामले को जाति के मुद्दे से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई है।
हालांकि, पुलिस और संस्थान की जांच अभी जारी है। सीसीटीवी फुटेज, छात्रों और संबंधित लोगों के बयान तथा समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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