महाराष्ट्र में एसआईआर के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और चुनाव आयोग के 14 प्रशासनिक आदेश रद्द करने की मांग; प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी अपील
राहुल गुप्ता
कोल्हापुर, 25 सितंबर। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच उनके खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट की कोल्हापुर बेंच में दाखिल याचिका में महाराष्ट्र में हालिया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की गई है। इसके अलावा सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की ओर से पिछले करीब 10 महीनों में जारी किए गए 14 प्रशासनिक आदेशों को रद्द करने की मांग भी की गई है।
महाराष्ट्र में एसआईआर पर रोक लगाने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने महाराष्ट्र में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि जिन मतदाताओं के नाम हालिया एसआईआर के दौरान हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं ने उन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को तब तक टालने की मांग की है, जहां एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। उनका कहना है कि चुनाव तब तक नहीं होने चाहिए, जब तक नए और कानून के अनुरूप इलेक्टोरल रोल तैयार नहीं हो जाते।
डाटा और सॉफ्टवेयर को लेकर जांच की मांग
याचिका में हालिया एसआईआर के दौरान कथित डाटा डिटेक्शन और सॉफ्टवेयर ब्लॉकेज की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति गठित करने की मांग भी की गई है। इसके लिए रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
14 प्रशासनिक आदेशों पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार की ओर से पिछले 10 महीनों में पारित 14 प्रशासनिक आदेशों को रद्द करने की मांग की है। याचिका में इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनाव आयोग के अलग-अलग फैसलों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 मौकों पर आपत्ति जताई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों का संबंध मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने, इलेक्टोरल रोल डेटाबेस समेत चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों से था।
विपक्ष पहले से उठा रहा एसआईआर पर सवाल
विभिन्न राज्यों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया चुनाव आयोग की निगरानी में हो रही है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के जरिए विपक्षी दलों के समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
तीन लोगों ने दायर की याचिका
महाराष्ट्र के रहने वाले तीन लोगों ने यह याचिका हाई कोर्ट में दायर की है। इसमें दावा किया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से जताई गई आपत्तियां मतदाताओं के नाम हटाने, नए नाम जोड़ने और इलेक्टोरल रोल डेटाबेस से जुड़े मामलों को लेकर थीं।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने 2023 के कानून की धारा 18 के तहत अपने दायित्वों का पालन नहीं किया। इसी आधार पर उन्होंने 14 फैसलों को रद्द करने, महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया रोकने और प्रक्रिया के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की है।
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