न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 25 सितंबर। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी स्क्रीनिंग परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो परीक्षा अभ्यर्थी और दो कथित बिचौलिए शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार अभ्यर्थियों की पहचान सांगली निवासी साजिद सांडें और बुलढाणा निवासी विजय किंगर के रूप में हुई है। वहीं, नवी मुंबई निवासी संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम को कथित बिचौलियों के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि साजिद और विजय ने परीक्षा का प्रश्नपत्र अवैध तरीके से हासिल किया था।
इससे पहले क्राइम ब्रांच ने नंदुरबार निवासी अभ्यर्थी ऋतुजा पाटिल को गिरफ्तार किया था। उन्होंने 22 मार्च को आयोजित परीक्षा दी थी और अस्थायी मेरिट सूची में सातवीं रैंक हासिल की थी। पुलिस के अनुसार, ऋतुजा को कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि संदेह से बचने के लिए उन्हें 10 सवालों के जवाब जानबूझकर गलत देने की सलाह दी गई थी।
इस मामले में MPSC के तीन अधिकारियों समेत छह अन्य लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपियों ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नों तक पहुंच हासिल की और उनका अलग सेट तैयार कर अनधिकृत लोगों तक पहुंचाया।
ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी के पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तहत आयोजित की गई थी। कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद MPSC ने भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है और दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। आयोग ने कहा है कि सभी अभ्यर्थियों को समान और निष्पक्ष अवसर देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता, महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार रोकथाम अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच मामले की आगे जांच कर रही है।
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