राहुल गुप्ता
मुंबई, 26 सितंबर। अनंत चतुर्दशी के बाद महाराष्ट्र में गणपति विसर्जन का सिलसिला जारी है। मुंबई में शुक्रवार सुबह शुरू हुई सार्वजनिक गणेश मंडलों की विसर्जन यात्राएं अब भी चल रही हैं। हालांकि 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी लालबाग के राजा और चिंचपोकली के चिंतामणि का विसर्जन नहीं हुआ है। दूसरी ओर, पवई तालाब परिसर में एक साथ बड़ी संख्या में विशाल गणेश प्रतिमाएं पहुंचने से विसर्जन में देरी की स्थिति बनी हुई है।
पवई में 50 से ज्यादा बड़ी प्रतिमाएं विसर्जन के इंतजार में
पवई तालाब परिसर में कई गणेश मंडल अपनी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए इंतजार कर रहे हैं। इनमें साकीनाका के महाराज की करीब 45 फीट ऊंची प्रतिमा भी शामिल है, जो मेट्रो पुल के पास खड़ी है।
इसी इलाके में 50 से ज्यादा बड़ी गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए पहुंची हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मंडल के कार्यकर्ता, फोटोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर भी मौके पर मौजूद हैं। भीड़ के कारण जेवीएलआर रोड पर यातायात प्रभावित हुआ है।
विसर्जन के लिए 383 से ज्यादा कृत्रिम तालाब
मुंबई में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने 383 से ज्यादा कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं। इसके अलावा गिरगांव चौपाटी, जुहू चौपाटी, पवई तालाब, वर्ली और दादर समुद्र तट समेत 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर भी व्यवस्था की गई है।
महानगरपालिका के करीब 25 हजार अधिकारी और कर्मचारी विसर्जन स्थलों पर तैनात किए गए हैं। व्यवस्था के लिए 1,194 स्टील प्लेट, 23 जर्मन राफ्ट, 34 क्रेन, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट तैयार रखी गई हैं।
इसके अलावा 498 निर्माल्य कलश, 326 निर्माल्य डंपर, 261 स्वागत कक्ष, 228 नियंत्रण कक्ष और 75 निरीक्षण मीनारें बनाई गई हैं। महानगरपालिका ने श्रद्धालुओं से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में करने की अपील की है।
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