एसआईआर नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेज अब बूथ लेवल अधिकारी घर से लेकर ऑनलाइन अपलोड करेंगे, दावे-आपत्तियों की तारीख भी बढ़ी
राहुल गुप्ता
मुंबई, 27 सितंबर। महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अब हर मामले में चुनाव कार्यालय जाकर व्यक्तिगत सुनवाई में शामिल होने की जरूरत नहीं होगी। चुनाव आयोग ने प्रक्रिया में बदलाव करते हुए बूथ लेवल अधिकारियों को ऐसे मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज लेने और उन्हें ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया है।
यह बदलाव महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से चुनाव आयोग को प्रक्रिया आसान बनाने के लिए भेजे गए प्रस्ताव के बाद किया गया है।
घर से लिए जाएंगे दस्तावेज
चुनाव आयोग के नए निर्देश के अनुसार, जिन मतदाताओं को एसआईआर के दौरान उनके नाम या रिकॉर्ड में विसंगति को लेकर नोटिस जारी किया गया है, उनके घर बूथ लेवल अधिकारी जा सकते हैं। अधिकारी आवश्यक दस्तावेज लेकर उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे।
इसके बाद संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर फैसला करेगा। ऐसे मामलों में मतदाता को सामान्य तौर पर ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी।
सिर्फ विशेष मामलों में होगी सुनवाई
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत सुनवाई केवल असाधारण परिस्थितियों में की जाएगी। अगर जमा किए गए दस्तावेज अधूरे, असंतोषजनक या उपलब्ध नहीं हैं, तभी मामले को सुनवाई के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
जहां संभव होगा, सुनवाई ऑनलाइन कराने को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी मतदाता की ओर से उसके परिवार का कोई वयस्क सदस्य भी अधिकृत होकर सुनवाई में शामिल हो सकता है।
महाराष्ट्र के सीईओ ने उठाई थी प्रक्रिया आसान करने की मांग
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को भेजे प्रस्ताव में कहा था कि ऐसे मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और अन्य संवेदनशील वर्गों के लिए व्यक्तिगत सुनवाई से राहत का विकल्प होना चाहिए।
उन्होंने चुनाव अधिकारियों को यह अधिकार देने का सुझाव दिया था कि अगर किसी मतदाता ने पर्याप्त और संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं तो उसे व्यक्तिगत सुनवाई से छूट दी जा सके।
दावे और आपत्तियों की तारीख भी बढ़ी
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 12 अक्टूबर 2026 कर दी है। नोटिस तथा दावों-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
इसके साथ ही जिन लोगों का नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची से छूट जाता है, उन्हें लगातार मतदाता सूची अपडेट प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को जोड़ने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरतमंद लोगों के लिए सहायता केंद्र और विशेष शिविर लगाने को कहा है।
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