राहुल गुप्ता
जलगांव, 27 सितंबर। महाराष्ट्र के जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को लेकर महायुति में एक बार फिर मतभेद सामने आए हैं। शिंदे गुट के विधायक चंद्रकांत पाटील ने जिला बैंक को ‘खड़से मुक्त’ करने की बात कही, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से ने उन्हें जवाब दिया। रक्षा खड़से ने कहा कि जिला बैंक में कौन चुनाव लड़ेगा या नहीं, यह तय करने का अधिकार विधायक के पास नहीं है।
चंद्रकांत पाटील ने क्या कहा?
मुक्ताईनगर के विधायक चंद्रकांत पाटील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला बैंक ‘खड़से मुक्त’ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री पद संभालने के साथ जिला बैंक की राजनीति में भी सक्रिय रहने की व्यवस्था कहीं न कहीं रुकनी चाहिए।
चंद्रकांत पाटील ने जिला बैंक में कुछ प्रस्तावों और प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बैंक में कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश करने की कोशिश की जा रही है और वह इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
रक्षा खड़से ने दिया जवाब
चंद्रकांत पाटील के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा खड़से ने कहा कि जिला बैंक के सदस्य ही चुनाव से जुड़े फैसले करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें चुनाव लड़ना है तो वह चुनाव लड़ेंगी और वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं, यह कोई दूसरा व्यक्ति तय नहीं कर सकता।
रक्षा खड़से ने कहा, “आमदार अपना देखें, हम अपना देख रहे हैं।” उन्होंने चंद्रकांत पाटील के घराणेशाही के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिला बैंक में एक ही परिवार के कई लोगों के शामिल होने के मामलों पर भी विधायक को ध्यान देना चाहिए।
जिला बैंक की राजनीति पर बढ़ी नजर
जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की आगामी चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चंद्रकांत पाटील और रक्षा खड़से के बीच सामने आया यह विवाद इसी चुनावी प्रक्रिया के बीच हुआ है।
चंद्रकांत पाटील ने जहां खड़से परिवार की जिला बैंक में भूमिका पर सवाल उठाए हैं, वहीं रक्षा खड़से ने अपने चुनाव लड़ने के अधिकार को लेकर स्पष्ट रुख रखा है। दोनों नेताओं के बयानों के बाद अब जिला बैंक की आगामी चुनावी प्रक्रिया और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी हुई है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।