राहुल गुप्ता
मुंबई, 27 सितंबर। विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक विवाद के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। राउत ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं और उनके फैसलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ये आरोप राउत ने 27 सितंबर को मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए।
तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद भी जारी विवाद
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की पूर्ण बैठक हुई। चुनाव आयोग ने बैठक के बाद कहा कि एसआईआर से जुड़े आदेशों को तीनों आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी और आयोग ने कुछ प्रक्रियाओं में मतदाताओं के लिए राहत देने वाले बदलाव भी किए हैं।
इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी।
राउत ने लगाए कई गंभीर आरोप
संजय राउत ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ऐसे फैसले ले रहे हैं जिनसे भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी गंभीर दावे किए और कहा कि इस मुद्दे के खिलाफ देश में विरोध का माहौल है।
राउत ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि वह लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं और उन्हें हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए। उनके बयान में लगाए गए ये आरोप राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग ने दूसरी ओर एसआईआर से जुड़े फैसलों को पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त होने की बात कही है।
4 अक्टूबर को मुंबई में मार्च की तैयारी
राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों को अलग-अलग प्रदर्शन करने के बजाय एक साथ मार्च निकालने पर विचार किया जा रहा है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच हुई चर्चा के बाद 4 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त मार्च निकालने का फैसला होने की बात उन्होंने कही।
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की ओर से 4 अक्टूबर को मुंबई में मार्च की घोषणा की जा चुकी है।
राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के अन्य राजनीतिक दलों से भी इस संबंध में बातचीत की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर विभिन्न विपक्षी नेताओं की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद की खबरों पर क्या कहा?
चुनाव आयोग ने तीनों आयुक्तों की बैठक के बाद आंतरिक मतभेद की खबरों के बीच कहा कि एसआईआर से जुड़े आदेशों को पूर्ण आयोग की मंजूरी मिली थी। आयोग ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है और संबंधित अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज लेने की व्यवस्था की गई है।
इसी के बीच संजय राउत की ओर से लगाए गए आरोपों और ठाकरे बंधुओं के प्रस्तावित मार्च ने एसआईआर तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
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