राहुल गुप्ता
मुंबई, 28 सितंबर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर नया मोड़ आ गया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली तो गांधी जयंती के दिन मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ किया जाएगा।
सीजेपी ने पुलिस के फैसले पर क्या कहा?
सीजेपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा गया कि उसके मुताबिक पहले ‘वोट देने के अधिकार’ और अब ‘प्रदर्शन करने के अधिकार’ को भी छीना जा रहा है। अभिजीत दीपके ने पुलिस के फैसले को लोगों की आवाज उठाने से रोकने की कोशिश बताया और कहा कि ऐसी स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।
दीपके ने कहा कि अगर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई तो सीजेपी गांधी जयंती पर मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ करेगी।
2 अक्टूबर को प्रदर्शन की थी योजना
सीजेपी ने पहले घोषणा की थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से देशभर में प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने इस आंदोलन की शुरुआत मुंबई से करने की बात कही थी। सीजेपी की अन्य मांगों में एसआईआर को रोकना और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करना तथा चुनाव आयोग से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव शामिल हैं। ये संगठन की घोषित मांगें हैं।
मुंबई पुलिस ने अनुमति क्यों नहीं दी?
मुंबई पुलिस की ओर से जारी संचार के मुताबिक शिवाजी पार्क में सार्वजनिक सभा की अनुमति देने का अधिकार उसके पास नहीं है। पुलिस ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और बाद के सरकारी निर्देशों का हवाला दिया। साथ ही पुलिस ने बताया कि आयोजकों को शिवाजी पार्क के बजाय मुंबई में किसी दूसरी जगह का विकल्प तलाशने और वहां प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने शिवाजी पार्क के रिहायशी और साइलेंस जोन में होने का भी उल्लेख किया। उसके अनुसार प्रस्तावित प्रदर्शन से शोर और यातायात संबंधी समस्या पैदा हो सकती है। पुलिस ने यह भी कहा कि शिवाजी पार्क के इस्तेमाल के लिए आवश्यक बीएमसी अनुमति आवेदन के साथ प्रस्तुत नहीं की गई थी।
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