राहुल गुप्ता
नासिक, 28 सितंबर। नासिक में आयोजित दो दिवसीय ‘ज्ञानकुंभ’ का उत्साहपूर्ण समापन हुआ। इसमें जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों से संत-महंत शामिल हुए। कार्यक्रम में धर्मरक्षा, संस्कृति संरक्षण और कुंभ मेले की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने जैसे विषयों पर मंथन किया गया।
संत-महंतों ने कुंभ मेले के महत्व को देशभर में पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरण की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले को लेकर सकारात्मक विचार और इसकी धार्मिक-सांस्कृतिक महत्ता लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘ज्ञानकुंभ’ जैसे मंचों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
नासिक के तीर्थ क्षेत्र के महत्व पर जोर
कार्यक्रम में संतों ने नासिक के तीर्थ क्षेत्र के धार्मिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
इस दौरान सनातन धर्म के विकास और उससे जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। कार्यक्रम में शामिल संत-महंतों ने धर्म और संस्कृति से जुड़े विषयों पर आगे भी जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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