राहुल गुप्ता
मुंबई, 28 सितंबर। मुंबई के गोरेगांव पूर्व के राम मंदिर इलाके में सार्वजनिक शौचालय के अंदर संदिग्ध रासायनिक गंध की वजह से दो युवकों की मौत के एक दिन बाद बीएमसी ने इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। सोमवार को बीएमसी की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और अवैध झोपड़ों तथा निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
सार्वजनिक शौचालय में दो युवकों की मौत
यह कार्रवाई रविवार को हुई उस घटना के बाद की जा रही है, जिसमें सार्वजनिक शौचालय के भीतर तेज रासायनिक गंध की चपेट में आने से 24 वर्षीय प्रभाकर धनिवार और 18 वर्षीय भाविन देसाई की मौत हो गई थी। दोनों को घटना के बाद ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना मृणालताई पुल के पास पारसी पंचायत गेट के सामने स्थित सार्वजनिक शौचालय में हुई। स्थानीय लोगों ने वहां से तेज रासायनिक गंध आने की सूचना दी थी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बीएमसी, फायर ब्रिगेड और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की जांच
सूचना मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, 108 एम्बुलेंस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल यानी एमपीसीबी की टीमें मौके पर पहुंचीं। बीएमसी के संबंधित वार्ड के कर्मचारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शौचालय के अंदर कौन सा रासायनिक पदार्थ मौजूद था और उसकी गंध वहां तक कैसे पहुंची। प्रशासन रासायनिक पदार्थ की प्रकृति और उसके संभावित स्रोत की जांच कर रहा है।
जांच में सामने आया साई इलेक्ट्रोप्लेट का कनेक्शन
घटना के बाद इलाके की जांच के दौरान सार्वजनिक शौचालय के आसपास साई इलेक्ट्रोप्लेट नाम की एक इकाई का भी जिक्र सामने आया है। बताया गया है कि इस इकाई में रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच के दौरान जिस गाले में यह गतिविधि चल रही थी और आसपास मौजूद कई झोपड़ों के अवैध निर्माण होने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद बीएमसी ने सोमवार को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई शुरू की और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण हटाने का काम शुरू किया।
गाला मालिक गिरफ्तार
मामले में वनराई पुलिस ने साई इलेक्ट्रोप्लेट से जुड़े गाला मालिक नवीनभाई चावड़ा को गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रासायनिक पदार्थ या उसकी गंध सार्वजनिक शौचालय तक किस तरह पहुंची।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों युवकों की मौत के लिए किसी की लापरवाही या अवैध गतिविधि जिम्मेदार थी या नहीं।
हादसे की असली वजह अभी रहस्य
दो युवकों की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि सार्वजनिक शौचालय के अंदर इतना तेज रासायनिक प्रभाव कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि वहां मिले रासायनिक पदार्थ का स्रोत क्या था और आसपास चल रही गतिविधियों से उसका कोई संबंध था या नहीं।
फिलहाल बीएमसी, पुलिस, फायर ब्रिगेड और एमपीसीबी की जांच जारी है। रासायनिक पदार्थ की पहचान और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, बीएमसी की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई भी जारी है।
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